Israel Election 2022 : पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की फिर हो सकती है वापसी ! 100 प्रतिशत के करीब मतपत्रों की गिनती

Israel Election 2022 :  पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की फिर हो सकती है वापसी ! 100 प्रतिशत के करीब मतपत्रों की गिनती

यरुशलम। Israel Election 2022 इजराइल के आम चुनाव में करीब 91 प्रतिशत मतपत्रों की गिनती के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू नीत दक्षिणपंथी गुट ने बृहस्पतिवार को 120 सदस्यीय संसद में 65 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत हासिल कर लिया। इसके साथ ही नेतन्याहू की सत्ता में वापसी का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।

केंद्रीय निर्वाचन समिति के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 32 सीट, प्रधानमंत्री याइर लापिड की येश अतीद को 24, रिलीजियस जियोनिज़्म को 14, नेशनल यूनिटी को 12, शास को 11 और यूनाइटेड टोरा जुदाइस्म को आठ सीटें प्राप्त होंगी। संसद का प्रतिनिधित्व करने के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए आवश्यक 3.25 प्रतिशत की सीमा को पार करने वाले छोटे दलों में, राम के पांच सीटें जीतने की संभावना है वहीं हदाश-ताल और यिसराइल बेयटेनु के पांच और लेबर पार्टी के चार सीटे जीतने का अनुमान जताया जा रहा है। संसदीय प्रतिनिधित्व के लिए अर्हता के करीब पहुंच गई मेरेट्ज़ पार्टी और नीचे खिसक गई है, वहीं अरब पार्टी बलाद भी अर्हता के निशान से नीचे जाती दिख रही है।

मेरेट्ज़ के आगे बढ़ने से नेतन्याहू नीत दक्षिणपंथी गुट 61-62 सीटों तक सिमट सकता थी। बृहस्पतिवार दोपहर तक मतगणना समाप्त होने की संभावना है। नेतन्याहू गठबंधन में 65 एमके (इजराइली संसद के सदस्य) शामिल होंगे, जबकि लैपिड ब्लॉक में 50 और हदाश-ताल में पांच सदस्य होंगे। टाइम्स ऑफ इज़राइल अखबार के अनुसार, नेतन्याहू नीत गठबंधन में महिलाओं की संख्या में भारी गिरावट आएगी। इन परिणामों के आधार पर, नेतन्याहू के नेतृत्व वाले संभावित गठबंधन में नौ महिला सदस्य होंगी, जिसमें छह उनकी लिकुड पार्टी में और तीन अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स गुट से होंगी।, हालांकि यह आंकड़ा मंत्री स्तरीय नियुक्तियों के माध्यम से बढ़ सकता है।

इजराइल में 2019 में 73 वर्षीय नेतन्याहू पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी एवं विश्वासघात के आरोप लगने के बाद से राजनीतिक गतिरोध चला आ रहा है। नेतन्याहू इजराइल के सर्वाधिक समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्होंने लगातार 12 वर्षों तक और कुल मिलाकर 15 साल तक देश पर शासन किया। उन्हें पिछले साल सत्ता से हटना पड़ा था।

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