IPS जीपी सिंह को बिलासपुर हाईकोर्ट से राहत: दुर्ग के इस उद्योगपति को ब्लैकमेल करने का लगा था आरोप, जानें पूरा मामला

Bilaspur High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट ने IPS जीपी सिंह को बड़ी राहत दी है. सिंह आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग केस में फंसे थे.

IPS जीपी सिंह को बिलासपुर हाईकोर्ट से राहत: दुर्ग के इस उद्योगपति को ब्लैकमेल करने का लगा था आरोप, जानें पूरा मामला

   हाइलाइट्स

  • IPS जीपी सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत
  • दुर्ग के उद्योगपति कमल सेन को ब्लैकमेलिंग करने का मामला
  • बिलासपुर हाईकोर्ट ने FIR पर रोक लगाई

Bilaspur High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट ने IPS जीपी सिंह को बड़ी राहत दी है. सिंह आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग केस में फंसे थे. उन पर दुर्ग के उद्योगपति कमल सेन को ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगा था. अब कोर्ट ने ब्लैकमेलिंग करने वाली FIR पर रोक लगा दी है. इस मामले में जीपी सिंह को 120 दिन जेल में भी बिताने पड़े थे.

   दो उद्योगपतियों के विवाद में फंसे थे IPS जीपी सिंह

बता दें कि साल 2015 में दुर्ग के रहने वाले बिजनसमैन कमल सेन और बिल्डर सिंघानिया के बीच किसी व्यावसायिक लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था. जिसके बाद बिल्डर सिंघानिया ने कमल सेन के खिलाफ केस दर्ज कराया था.  इसी मामले में जल्दी चालान पेश करने व धाराएं कम करने के लिए जीपी सिंह पर 20 लाख रुपए वसूली करने के आरोप लगे थे. 

   जीपी सिंह के खिलाफ 6 साल बाद हुई थी शिकायत

कमल सेन ने इस मामले में IPS पर धमकी देकर अवैध वसूली करने के आरोप लगाए थे. दावा किया गया है कि उन्होंने तब भी इस मामले की शिकायत की थी. हालांकि 6 साल बाद साल 2021 में उनकी शिकायत पर सुपेला थाने में सिंह के खिलाफ भयादोहन का मामला दर्ज कर लिया गया था.  IPS जीपी सिंह ने इस एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट (Bilaspur High Court) में याचिका दायर की है. जिसमें 6 साल बाद शिकायत पर सुनियोजित तरीके से फंसाने के लिए केस दर्ज करने की बात कही गई. याचिका में केस को निराधार बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है.

   120 दिनों के लिए जेल गए थे IPS जीपी सिंह

आय से अधिक संपत्ति के केस में IPS जीपी सिंह हुए थे गिरफ्तार।

बता दें कि IPS जीपी सिंह पर भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति हासिल करने के साथ ही राजद्रोह के आरोप भी लगे थे. EOW ने भ्रष्टाचार के आरोप में उनके खिलाफ केस दर्ज किया. इसके बाद EOW की टीम ने उन्हें 2 साल पहले नोएडा से गिरफ्तार किया था. इस केस में उन्हें 120 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था. हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी.

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