Advertisment

मेरे पिता की कब्र पर ‘ऑडिट’ कर रही हैं जांच एजेंसियां : महबूबा मुफ्ती

author-image
Bhasha
देश में रविवार तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया: सरकार

(सुमीर कौल)

श्रीनगर, तीन जनवरी (भाषा) आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोपों में पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किये जाने समेत अन्य मामलों में विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच पर पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि एक भी मामला साबित होने पर वह परिणाम भुगतने को तैयार हैं।

Advertisment

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अपमानजनक है कि जांच एजेंसियां उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर ‘ऑडिट’ कर रही हैं।

पीडीपी की युवा इकाई के नेता वहीद पर्रा को एनआईए द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में महबूबा ने कहा कि जांच एजेंसियां पिछले दो साल से सरकारी फाइलों और उनके बैंक खातों की खाक छान रही हैं लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘‘यह अपमानजनक और हताशापूर्ण है कि वे अब मेरे दिवंगत पिता की कब्र पर ऑडिट कर रहे हैं। वे और कितना नीचे गिरेंगे?’’

Advertisment

सईद का निधन 2016 में हो गया था और उन्हें दक्षिण कश्मीर के बिजबेहारा में उनके पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक किया गया था।

पीडीपी अध्यक्ष के दावों पर एनआईए या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

बतौर मुख्यमंत्री महबूबा के कार्यकाल के दौरान जम्मू एंड कश्मीर बैंक में हुईं कथित अनियमितताओं का जिक्र करने पर पीडीपी नेता ने कहा, ‘‘कैसी अनियमितता? वे एक भी मामला ऐसा साबित कर दें जिसमें मैं या मुझसे जुड़ा कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता में संलिप्त रहा हो। मैं नतीजे भुगतने को तैयार हूं।’’

Advertisment

एनआईए द्वारा पर्रा की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी आरोप साबित नहीं कर पाने पर वे मेरा नाम आतंकवाद के वित्तपोषण से जोड़कर मुझे बदनाम करने के दूसरे तरीके खोज रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वहीद लोकतंत्र, सामंजस्य और संवाद के बड़े पैरोकार हैं। उन्होंने हजारों युवाओं को मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। ये सारे इल्जाम मनगढ़ंत हैं ताकि मुझे राह बदलने और उनकी ही बात दोहराने को मजबूर किया जा सके।’’

एनआईए ने पर्रा को महबूबा के लोकसभा चुनाव के दौरान समर्थन पाने के लिहाज से कथित तौर पर हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों के साथ संपर्क में रहने के मामले में नवंबर में गिरफ्तार किया था।

Advertisment

एनआईए का आरोप है कि पर्रा ने जम्मू कश्मीर पुलिस के निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के माध्यम से पैसों का भुगतान किया था। सिंह को पहले ही आतंकवादियों को श्रीनगर से जम्मू ले जाने के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

भाषा वैभव अविनाश

अविनाश

Advertisment
चैनल से जुड़ें