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नई दिल्ली। गर्मी में दही खाना किसे अच्छा नहीं लगता। दूध से दही जमाने के लिए हमें दही या जामन की जरूरत पड़ती है। लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि धरती पर पहली बार दही कैसे जामाई गई होगी। अगर नहीं तो चलिए आज हम आपको दही के इतिहास के बारे में बताते हैं। इसका अपना एक अलग ही इतिहास है।
यहां हुआ था दही का अविष्कार
दरअसल, पश्चिमी देशों में दही के अविष्कार को लेकर कई तरह की बातें कही जाती हैं। लेकिन असल में दही का अविष्कार यूरोपीय देश बुल्गारिया में हुआ था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी इसकी पुष्टि की गई है। बुल्गारिया के लोग दही का कई प्रकार से इस्तेमाल करते हैं। कहा तो यहां तक जाता है कि बुल्गारिया के लोग दही के बिना कोई खाना नहीं खाते।
ऐसे हुआ था दही का अविष्कार
बुल्गारिया के लोग दही को लेकर दावा करते हैं कि उनके यहां खानाबदोश लोगों ने करीब 4 हजार साल पहले इसकी खोज की थी। क्योंकि खानाबदोशों (घुम्मकड़ प्रजाति के लोग) के पास दूध देने वाले काफी जानवर होते थे और वे अपने जानवरों के साथ अलग-अलग जगहों पर घूमा करते थे। उस समय इन लोगों के पास अधिक दूध होने पर इसे बचाकर रखने की कोई जरिया नहीं था। इसलिए उन्होंने ऐसा तरीका ढूंढ निकाला, यानी दूध को जमाकर देर तक इसका इस्तेमाल किया जा सकता था।
दही को ऐसे जमाया गया
लेकिन सबसे बड़ा सवाल आखिर दही जमा कैसे। विशेषज्ञों की माने तो लोगों के पास उस वक्त दूध को स्टोर करने के लिए बर्तन नहीं होते थे। ऐसे में वे जानवरों की खाल में दूध को स्टोर करते थे। इस कारण से एक तय समय के बाद दूध में जीवाणु पैदा हो जाता था और वह जमकर दही बन जाता था। बुल्गारिया के खानाबदोश लोगों के इस फॉर्मूला को बाकी हिस्सों में भी अपनाया गया और यहीं से दही जमाने की शुरुआत हुई।
दही को लेकर पहली बार बुल्गारिया में ही रिसर्च किया गया था
दही को लेकर बुल्गारिया के लोग काफी भावनात्मक है। इसके पीछे कई कारण भी है। कहा जाता है कि यहां दही जमाने वाले बैक्टीरिया की नस्ल पाई जाती है। साथ ही यहां का मौसम और तापमान भी दही जमाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। बुल्गारिया में ही दही को लेकर पहली बार रिसर्च किया गया था। जिसमें दूध को दही बनाने में सहायक बैक्टीरिया की पहचान की गई थी और उसे लैक्टोबैसिलस बुल्गारिकस का नाम दिया गया।
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