Guna Encounter : कहां से आए थे आदमखोर शिकारी, क्यों हुई 3 पुलिसकर्मीयों की हत्या, जानिए

Guna Encounter : कहां से आए थे आदमखोर शिकारी, क्यों हुई 3 पुलिसकर्मीयों की हत्या, जानिए Inside Story of the Sensational Massacre in Guna Guna Encounter News guna 3 cops gunned down in mp guna vkj

Guna Encounter : कहां से आए थे आदमखोर शिकारी, क्यों हुई 3 पुलिसकर्मीयों की हत्या, जानिए

Guna Encounter News : मध्यप्रदेश पुलिस महकमे में उस समय तहलका मच गया जब खबर आई की गुना जिले के आरोप के जंगलों में हिरण के शिकारियों ने तीन पुलिसकर्मीयों की हत्या कर दी। पुलिस और शिकारियों की मुठभेड़ (Guna Encounter) में एक आरोपी की भी मौत हो गई थी। आनन फानन में पुलिस अधिकारी घटना स्थल पहुंचे। वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मोर्चा संभाला। सीएम शिवराज ने आरोपियों का एंनकाउंटर (Guna Encounter) करने के आदेश जारी कर दिए। सीएम के आदेश के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जंगलों की खाक छानने उतर गई। पुलिस ने बीती रात तक चार आरोपियों का एनकांउटर (Guna Encounter) कर दिया।

गुना कांड में चौंकाने वाला खुलासा

काले हिरण के शिकार के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि काले हिरणों का शिकार दावत के लिए किया गया था। 7 आरोपियों में से एक आरोपी की बेटी की शादी थी। शादी में मेहमानों के लिए मोर और हिरण का मांस खिलाने के लिए शिकार किया गया था। शिकार के लिए आरोपी घटना की देर रात जंगलों में पहुंचे थे। वही पुलिसकर्मी भी आरोपियों को पकड़ने के लिए सगा बरखेड़ा गांव पहुंचे थे। जब शिकारियों ने पुलिस को आता देखा तो फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए। वही मुठीभेड़ में एक आदमखोर शिकारी नौशाद खान की भी मौत हो गई।

बोरी में ले जा रहे थे मांस

घटना की रात के करीब 12 बजे पुलिस ने देखा की कुछ बदमाशा बाइक से जा रहे थे। उनके पास एक बोरी थी जिसमें कुछ रखा हुआ था। जब पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की तो शिकारियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में एसआई राजकुमार जाटव , हवलदार संतराम मीना और आरक्षक नीरज भार्गव की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के गांव बिदोलिया को घेर लिया। वही पुलिस की एक टीम गांव और जंगल में सर्चिंग करती रही। सर्चिंग के दोरान पुलिस को एक आरोपी की लाश मिली। जो एक शिकारी के छोटे भाई नौशाद की थी। पुलिस ने सात आरोपियों पर धारा 302, 307 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस की एक राइफल भी लूट ली थी।

बोरी में मिले 4 काले हिराण और 1 मोर का शव

बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान शिकारियों को पता नहीं था कि वह पुलिसवालों पर फायरिंग (Guna Encounter) कर रहे है। आरोपियों का यह लगा की वह वन विभाग के कर्मचारी है। मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने मौके की तलाशी ली तो 4 काले हिरणों के सिर और 1 मोर का शव मिला। वही सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर आईजी अनिल शर्मा को तत्काल हटा दिया। साथ ही सरकार ने मृतक पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक करोड़ देने की घोषणा की। शिवराज सरकार ने सख्त एक्शन लेते हुए आरोपियों के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की।

पुलिस ने किया चौथे आरोपी का शिकार

एसआई समेत 3 पुलिसकर्मियों की हत्या के बदले में पुलिस अपराधियों का सीधा एनकाउंटर (Guna Encounter) कर रही है। पुलिस ने शनिवार की शाम तक तीन आरोपियों को मार गिराया था। वही बीती रात में जंगलों की पहाड़ियों में छुपा बैठा चौथा शिकारी का भी पुलिस ने एनकाउंटर (Guna Encounter) कर दिया। एक के बाद एक अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया जा रहा है। पुलिस का ऑपरेशन लगातार जारी है। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के हत्या के आरोपी नौशाद खान, शहजाद खान के बाद अब चौथे आरोपी का जंगल में एनकाउंटर (Guna Encounter) कर दिया गया है। पुलिस ने चौथे अपराधी को भी आरोन के पहाड़ों की तरफ मार गिराया है। चौथा आरोपी आरोन के पहाड़ों में छुपकर बैठा हुआ था। आरोपी के नाम का खुलासा नहीं हो पाया है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article