आपको राहत देने वाली खबर: देश में कम हुई महंगाई दर, जानें अब क्या-क्या होगा सस्ता

Inflation Rate Down In India: देश के लोगों के लिए नया साल 2025 अच्छी खबर लेकर आया है। जनवरी के महीने में रिटेल महंगाई में 0.91 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

inflation rate down india food items cheap retail

Inflation Rate Down In India: महंगाई को लेकर देश के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। ये राहत देने वाले हैं। जनवरी में महंगाई दर 4.31 प्रतिशत पर आ गई, ये पिछले 5 महीने का सबसे निचला स्तर है। खाने-पीने का सामान सस्ता होने से खुदरा महंगाई दर में कमी आई है। दिसंबर में ये 5.22 प्रतिशत थी। वहीं एक साल पहले ये 5.1 प्रतिशत थी।

कम हुई खाद्य महंगाई दर

खुदरा महंगाई दर में कमी आने का मुख्य कारण खाद्य मुद्रास्फीति का कम होना है। सरकार ने बुधवार को जो आंकड़े जारी किए हैं, उनके अनुसार जनवरी में खाद्य मुद्रास्फीति 6.02 फीसदी रही, जबकि दिसंबर में यह 8.39 फीसदी थी। पिछले साल जनवरी में यह आंकड़ा 8.3 फीसदी था। यह ध्यान देने योग्य है कि अब देश में खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्धारित दायरे के करीब पहुंच गई है, जो 2-4 फीसदी है।

आंकड़े अनुमान से बेहतर

खुदरा महंगाई के बारे में विशेषज्ञों और भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा जो पूर्वानुमान दिया गया था, बुधवार को आए आंकड़े उससे भी अच्छे रहे हैं। विशेषज्ञों ने जनवरी में खुदरा महंगाई 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। हाल ही में हुई एमपीसी की बैठक के बाद गवर्नर ने इस तिमाही के लिए महंगाई दर 4.4% रहने का अनुमान व्यक्त किया है।

कंट्रोल में महंगाई, अब ये उम्मीद

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने पांच साल बाद रेपो रेट में कमी की, जिससे लोन लेने वालों को राहत मिली। इसके बाद महंगाई में भी सुधार देखने को मिला है। महंगाई दर आरबीआई के निर्धारित स्तर में आने के बाद अब रेपो रेट में और कटौती की संभावना बढ़ गई है। हाल की कटौती के बाद रेपो रेट 6.50 फीसदी से घटकर 6.25 फीसदी हो गई है।

सब्जियों की कीमतों में गिरावट रही अहम

sabzi mandi

खाद्य महंगाई के मामले में जो कुल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई बास्केट का लगभग 50% है, दिसंबर में 8.39% से घटकर जनवरी में 6.02% हो गया, जो अगस्त 2024 के बाद का सबसे कम स्तर है। स्थानीय बाजारों में ताजा सर्दियों की फसल आने से खाद्य कीमतों में कमी आई है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सब्जियों की कीमतों में गिरावट ने इस कमी में सबसे बड़ा योगदान दिया है।

अब क्या हो सकता है सस्ता ?

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक गेहूं और वनस्पति तेल (कीमतों) के अलावा अन्य सभी खाद्य कैटेगिरी में नरमी आ सकती है। गेहूं और वनस्पति तेल को छोड़कर खाने-पीने की बाकी चीजें सस्ती हो सकती हैं। तेजी से गिरती महंगाई केंद्रीय बैंक को धीमी आर्थिक वृद्धि को संबोधित करने पर अपने नए फोकस में कुछ छूट देती है क्योंकि ओवरऑल महंगाई अभी भी अपने 4 के टारगेट से ऊपर है।

ये खबर भी पढ़ें: Mahakumbh स्नान में जाने के लिए ट्रेन में उमड़ी भीड़, इमरजेंसी खिड़की से अंदर घुसे लोग

इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन दर में गिरावट

खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी होने के साथ ही सरकार ने दिसंबर 2024 में औद्योगिक उत्पादन का डेटा भी पेश किया है, जो अब 3.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन के कारण दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन की ग्रोथ रेट में गिरावट आई है। पिछले साल दिसंबर 2023 में औद्योगिक उत्पादन का आंकड़ा 4.4 फीसदी था।

अब बच्चे Instagram पर नहीं दिख सकेंगे अश्लील कंटेंट, पैरेंट्स के हाथ में होगा कंट्रोल

Instagram Teen Accounts: जब से इंस्टाग्राम रील्स का ट्रेंड बढ़ा है, टीनेजर्स का ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर वीडियो देखने में बीतने लगा है। हालांकि, प्लेटफॉर्म पर हर तरह का कंटेंट मौजूद है, जिससे बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए इंस्टाग्राम ने अब “Teen Accounts” नाम का एक नया फीचर लॉन्च किया है, जो बच्चों को अश्लील और हिंसक कंटेंट से बचाएगा और पैरेंट्स को उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी पर कंट्रोल देगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article