खरगोन। प्रदेश के खरगोन जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां जिला अस्पताल में मंगलवार देर रात ऑक्सीजन के सिलेंडर खत्म हो गए। सिलेंडर खत्म होते ही यहां भर्ती मरीज छटपटाते रहे। इतना ही नहीं यहां भर्ती एक मरीज के परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि ऑस्कीजन की कमी से भर्ती एक मरीज ने दम तोड़ दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। यहां मरीजों के परिजनों स्वास्थ्य अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, वहीं स्वास्थ्य अधिकारी भी ऑक्सीजन के सिलेंडर न होने का हवाला देते रहे। यहां देर रात ऑक्सीजन खत्म होने से मरीजों को सांस लेने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। खास बात यह हा कि इन अस्पताल समेत अन्य जगहों के लिए 4 करोड़ रुपए का बजट कोरोना के ऑक्सीजन बैडों के लिए जारी किए गए थे।
करोड़ों रुपए खर्चे के बाद व्यवस्थाएं बदहाल
इसके बाद भी करोड़ों रुपयों से जनता को कोई लाभ नहीं है। यहां सिलेंडर खत्म होने के बाद कलेक्टर से लेकर आला अधिकारी इस बात से पल्ला झाड़ते नजर आए। वहीं खरगोन से कांग्रेस विधायक रवि जोशी जिला स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना जैसी महामारी में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं इस खबर के बाद अस्पताल प्रशासन भी सख्ते में है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगातार ऑक्सीजन होने की बात प्रचारित की जा रही है।
हालांकि परिजनों ने यह आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण यहां एक मरीज ने दम तोड़ दिया है। साथ ही यहां भर्ती संक्रमित मरीज सांस लेने के लिए संघर्ष करते रहे। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग समेत तमाम आला अधिकारी मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए। बता दें कि इन दिनों प्रदेश में कोरोना महामारी भी अपने चरम पर है। इस भयानक दौर में जब सीएम शिवराज सिंह ने भी सभी अस्पतालों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के आदेश दे रखे हैं। ऐसे में खरगौन जिला अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।