Indore Sheetla Mata Bazaar Controversy: इंदौर शीतला माता बाजार विवाद, दिग्विजय सिंह बोले- FIR नहीं हुई तो जाएंगे कोर्ट

Indore Sheetla Mata Bazaar Controversy: इंदौर शीतला माता बाजार विवाद में दिग्विजय सिंह बोले FIR दर्ज न हुई तो 5 अक्टूबर के बाद जाएंगे कोर्ट, पुलिस जांच जारी।

Indore Sheetla Mata Bazaar Controversy: इंदौर शीतला माता बाजार विवाद, दिग्विजय सिंह बोले- FIR नहीं हुई तो जाएंगे कोर्ट

हाइलाइट्स

  • दिग्विजय बोले FIR न हुई तो जाएंगे कोर्ट

  • शीतला माता बाजार विवाद पर गरमा सियासत

  • पुलिस जांच में पीड़ित पक्ष अब तक गायब

Indore Sheetla Mata Bazaar Controversy: इंदौर का शीतला माता बाजार इन दिनों सियासी और सामाजिक मुद्दा बना हुआ है। यहां दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की कथित अपील और उसके बाद शुरू हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि पुलिस 5 अक्टूबर तक FIR दर्ज नहीं करती है तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया चल रही है और अभी तक पीड़ित पक्ष से कोई सामने नहीं आया है।

[caption id="attachment_906216" align="alignnone" width="1262"]publive-image दिग्विजय सिंह का एक्स पोस्ट।[/caption]

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम न केवल असंवैधानिक है, बल्कि कानून की नजर में अपराध भी है। उनका कहना था कि पुलिस FIR दर्ज करने की बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है। दिग्विजय सिंह ने यह भी बताया कि 15 सितंबर को प्रभावित दुकानदारों और कारीगरों ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को प्रतिवेदन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई।

https://twitter.com/digvijaya_28/status/1973180016273002785

दिग्विजय ने अपनी पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि 27 सितंबर को उन्होंने खुद संबंधित थाने में जानकारी ली तो पाया कि प्रतिवेदन पुलिस कमिश्नर कार्यालय से सराफा थाने तक पहुंचने में ही एक सप्ताह लग गया।

बता दें, इंदौर में शनिवार (25 सितंबर) को शीतलामाता बाजार पहुंचे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को पुलिस ने बाजार में घुसने से रोक दिया।

पुलिस ने क्या कहा

इंदौर पुलिस का कहना है कि इस मामले में ज्ञापन मिला है और उसकी जांच की जा रही है। एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने बताया कि अब तक पीड़ित पक्ष पुलिस या प्रशासन के पास सीधे तौर पर नहीं आया है। यदि वे अपनी शिकायत लेकर सामने आते हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का रुख यह भी है कि बिना आधिकारिक शिकायत के FIR दर्ज करना मुश्किल है।

हालांकि, कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रभावित कर्मचारी केवल राजनीतिक नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और इस कारण पुलिस उन्हें नजरअंदाज कर रही है।

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भाजपा बोली- माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे दिग्विजय

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा संगठन ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति में है। लेकिन इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि वे शहर का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भार्गव ने कहा कि दिग्विजय सिंह पर ही केस दर्ज होना चाहिए, क्योंकि उनके बयानों से समाज में वैमनस्य फैल रहा है।

[caption id="" align="alignnone" width="800"]publive-image शीतला माता बाजार इंदौर (फाइल फोटो)[/caption]

उधर, शीतला माता बाजार व्यापारी एसोसिएशन और हिंदू संगठनों ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। सोमवार (29 सितंबर) रात हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय सिंह और राहुल गांधी का पुतला जलाकर नारेबाजी की। इस पुतला दहन का समर्थन स्थानीय व्यापारियों ने भी किया।

विधायक के बेटे ने की मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की अपील

शीतला माता बाजार विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ की अपील से हुई। उन्होंने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दें और इसके लिए 25 सितंबर तक का समय दिया था।

दिग्विजय सिंह का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से गैरकानूनी है और संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जो लोग केवल अपने धर्म की वजह से व्यापार और रोजगार से वंचित किए जा रहे हैं, उन्हें संरक्षण मिलना चाहिए।

दिग्विजय ने आरोप लगाया कि पुलिस बार-बार दो सप्ताह का समय मांग रही है और यह संवेदनशील मामले में गंभीरता की कमी को दिखाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रतिवेदन थाने तक पहुंचाने में ही एक सप्ताह लग गया तो आखिर कार्रवाई कब होगी।

MP: समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन 10 अक्टूबर तक, खाद्य मंत्री राजपूत की किसानों से ये अपील

मध्यप्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान, ज्वार और बाजरा की खरीद समर्थन मूल्य (Support Price) पर की जाएगी। इसके लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 सितम्बर से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तारीख 10 अक्टूबर तय की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से कहा है कि सभी किसान समय पर रजिस्ट्रेशन करा लें ताकि उन्हें किसी पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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