Indore School Rishwat Case: लिफाफे में दो पैसे...इंदौर में टीचर्स से रिश्वत लेते स्कूल प्रिंसिपल अरेस्ट, बोली-गलती हो गई

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की मुहिम के बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इंदौर से सामने आए ताजा मामले में लोकायुक्त की टीम ने मॉडल स्कूल की प्रिंसिपल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

Indore School Rishwat Case: लिफाफे में दो पैसे...इंदौर में टीचर्स से रिश्वत लेते स्कूल प्रिंसिपल अरेस्ट, बोली-गलती हो गई

हाइलाइट्स

  • इंदौर में मॉडल स्कूल की प्रिंसिपल रिश्वत लेते गिरफ्तार।
  • लोकायुक्त टीम ने 2 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा।
  • स्थायी नियुक्ति के लिए दो टीचरों से मांगी थी रिश्वत।

Indore school Principal Bribery Case: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त के एक्शन के बाद भी रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। काम के बदले रिश्वत मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। अब इंदौर में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां लोकायुक्त टीम ने सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल को 2 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। महिला प्रिंसिपल ने दो टीचर्स से स्थायी नियुक्ति के बदले रिश्वत की डिमांड की थी। टीचरों की शिकायत के बाद लोकायुक्त की टीम ने स्कूल पहुंचकर कार्रवाई की।

इंदौर में सरकारी स्कूल में रिश्वतखोरी

पूरा मामला इंदौर जिले के शासकीय सांदीपनी मॉडल स्कूल कछालिया सांवेर का है। यहां की संकुल प्रिंसिपल मनीषा पहाड़िया ने दो शिक्षकों से उनकी स्थायी नियुक्ति फाइल जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पास भेजने के बदले 2,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी।

स्थायी नियुक्ति के लिए टीचर्स से रिश्वत मांगने के बाद उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 आशीष मारू (शिक्षक) ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका और उनके साथी महेश गोयल का प्रोबेशन पीरियड पूरा हो चुका है, लेकिन प्रिंसिपल ने नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक से एक हजार रुपए की डिमांड की है।

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प्रिंसिपल ने कहा– लिफाफे में देना पैसे

रुपयों की डिमांड करते हुए प्रिंसिपल ने साफ कहा था कि पैसे लिफाफे में रखकर देना। अब शिक्षक की शिकायत पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने रिश्वतखोर प्रिंसिपल को पकड़ने के जाल बिछाया। जैसे ही शिक्षकों ने लिफाफा प्रिंसिपल को सौंपा और वह उसे हैंडबैग में रखकर कमरे से बाहर आईं, इसके बाद इशारा मिलते ही लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। हैंडबैग से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई, और हाथ धुलवाने पर रंगीन पदार्थ के निशान मिले, जो रिश्वत ट्रैप की पुष्टि करते हैं। वहीं लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान प्रिंसिपल ने खुद को बचाने की कोशिश करते हुए कहा – गलती हो गई, यह मेरी चूक थी।

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नियुक्ति फाइल भेजने के लिए मांगे थे पैसे

टीचरों की नियुक्ति से संबंधित फाइलें 27 जनवरी 2025 को संस्था द्वारा संकुल प्रिंसिपल मनीषा पहाड़िया के पास भेजी गई थीं। इन्हीं फाइलों को डीईओ ऑफिस भेजने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। अब शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने स्कूल में दबिश देते हुए
प्रिंसिपल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

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अब मामले में लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत केस दर्ज किया है। एसपी राजेश सहाय ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

ट्रैप दल में यह थे शामिल

ट्रैप दल में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, सहायक उपनिरीक्षक रहीम खान, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आरक्षक कमलेश परिहार, महिला आरक्षक कंचन राजपूत, महिला आरक्षक गोपाल कंवर, चालक शेरसिंह शामिल थे।

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