NOTA बना बड़ा मुद्दा: पार्टियों में पोस्टर वॉर जारी, PM मोदी को तक बूथ अध्यक्षों से पूछना पड़ा कि यहां क्या होगा?

Lok Sabha Chunav 2024: नाम वापसी के बाद NOTA बना बड़ा मुद्दा: पार्टियों में पोस्टर वॉर जारी, PM मोदी ने बूथ अध्यक्षों से पूछा यहां क्या होगा?

NOTA बना बड़ा मुद्दा: पार्टियों में पोस्टर वॉर जारी, PM मोदी को तक बूथ अध्यक्षों से पूछना पड़ा कि यहां क्या होगा?

हाइलाइट्स

  • नाम वापसी के बाद NOTA बना बड़ा मुद्दा
  • PM मोदी को तक पूछना पड़ा कि यहां क्या होगा?
  • NOTA ही हमारा विकल्प है - जीतू पटवारी

Lok Sabha Chunav 2024: मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Chunav 2024) के आखिरी चरण से पहले नोटा पर सियासत गरमा गई है। इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी के मैदान छोड़ने के बाद चुनाव की दिशा ही बदल गई है। कांग्रेस और बीजेपी में NOTA को लेकर पोस्टर वॉर जारी हो गया है।

https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1788824175118852407

दरअसल, इंदौर में कांग्रेस ने नोटा के समर्थन में यात्रा निकाली थी और ऑटो में पोस्टर भी चिपकाए थे। जिसके बाद बीजेपी ने भी अब आगे आकर ऑटो रिक्शा पर पोस्टर लगाए हैं। बीजेपी ने पोस्टर के जरिए तंज कसते हुए कहा कि नोट चलाने वाले अब नोटा चलाने लगे हैं। चलिए जानते हैं राजनीतिक दलों का क्या कहना है...!

NOTA ही हमारा विकल्प है - जीतू पटवारी

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि हमारी पार्टी किसी भी प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेगी। दलबदल के विरोध में अब NOTA ही हमारा विकल्प है।

कैलाश विजयवर्गीयने कहा बोरी-बिस्तर बांध देगी इंदौर की जनता

पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भाजपा की रणनीति पर हैरानी जताई।

वहीं इस बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कुछ लोग माहौल बना रहे हैं NOTA-NOTA-NOTA..., लेकिन इंदौर की जनता नकारात्मक राजनीति करने वालों का बोरी-बिस्तर बांध देगी।

वीडी शर्मा बोले लोकतंत्र में ये गलत परंपरा ला रही कांग्रेस

वहीं बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहां कि लोकतंत्र में यह गलत परंपरा कांग्रेस ला रही है। सिक्का आपका (अक्षय बम) खोटा है और NOTA को वोट डालें?

आपको बता दें कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष समेत तमाम नेता कह चुके हैं कि बीजेपी के इस कृत्य का जवाब NOTA का बटन दबाकर दीजिए।

इन नई रणनीति ने इंदौर चुनाव का किरदार ही बदल दिया है। इतना ही नहीं ये बात इतनी तेजी देशभर में फैली कि इंदौर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एयरपोर्ट पर मिलने आए बूथ अध्यक्षों से पूछा कि इंदौर का क्या होगा? वोट पड़ेंगे क्या? कितने से जीतेंगे?

ये खबर भी पढ़ें: CG Shikshak Bharti: आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों की भर्ती पर नया अपडेट, अब 71 नहीं इतने नए पदों पर होगी नियुक्ति

कांग्रेस कैंडिडेट के मैदान छोड़ने से चुनाव पड़ा फीका

इंदौर में कांग्रेस प्रत्याशी के मैदान छोड़ने के बाद चुनाव (Lok Sabha Chunav 2024) फीका पड़ गया है। इसको लेकर बीजेपी को भी टेंशन है कि जिस सीट  को पिछली बार 5 लाख वोटों से जीता था, वहां इस बार के चुनाव में लोग वोट डालने में ही रुचि नहीं ले रहे हैं।

चारों तरफ NOTA  ही NOTA

कांग्रेस के साथ लोकतंत्र बचाओ समिति ने गुरुवार देर शाम परदेशीपुरा इलाके में NOTA के लिए रैली निकालकर वोट मांगे। पूर्व मंत्री समेत कई नेता शामिल हुए।

कांग्रेस दफ्तर से अक्षय बम के सारे फोटो हटा दिए गए हैं। कांग्रेस के ऑफिस के साथ-साथ हर जगह NOTA के नाम से पोस्टर छपवाकर लगाए जा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने बड़ी तादाद में यह पोस्टर ऑटो रिक्शा, निजी दीवारों और घरों के बाहर लगवाए हैं।

आपको बता दें कि 40 साल से लगातार लोकसभा चुनाव में इंदौर सीट हारते आ रही कांग्रेस का NOTA का दांव फिर चर्चा में ले आया है। इसे लेकर कांग्रेस रोज बैठकें कर रही है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सहित तमाम नेता रैली और  सभाओं में इंदौर और नोटा का जिक्र कर रहे हैं। पोस्टरों पर लिखा है कि लोकतंत्र के हत्यारों को सबक सिखाना है, जिम्मेदार नागरिक बन NOTA का बटन दबाना है। इसके साथ ही बैनर तले सड़कों पर प्रदर्शन करना भी शुरू कर दिया है।

ये खबर भी पढ़ें: राम मंदिर पर गरमाई सियासत: हिमंत बिस्वा का बड़ा बयान, बोले कांग्रेस राम मंदिर पर बाबरी ताला लगाना चाहती है

क्या कांग्रेस के पास NOTA के अलावा नहीं था कोई विकल्प?

बता दें कि कांग्रेस ने इंदौर से अपना मुख्य प्रत्याशी अक्षय बम को बनाया था। इसके  साथ ही सब्स्टीट्यूट कैंडिडेट में मोतीसिंह पटेल का नाम दिया था। जो कि फॉर्म B पर दर्ज था।

अक्षय की नामवापसी के बाद कांग्रेस ने 24 घंटे में ये फैसला किया। क्यों कि कांग्रेस के पास कोई अन्य प्रत्याशियों का जनाधार नहीं था। इसी वजह से NOTA को समर्थन कर दिया।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article