इंदौर में लोकायुक्त की छापेमारी: असिस्टेंट मैनेजर के पास मिली करोड़ों की बेनामी संपत्ति, हुआ खुलासा

Madhya Pradesh (MP) Indore Lokayukta Raid Update; लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार सुबह आदिम जाति मर्यादित सहकारी संस्था, पीथमपुर के सहायक प्रबंधक कनीराम मंडलोई और उनके भाई के ठिकानों पर छापेमारी की।

Indore Lokayukta Raid

Indore Lokayukta Raid: लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार सुबह आदिम जाति मर्यादित सहकारी संस्था, पीथमपुर के सहायक प्रबंधक कनीराम मंडलोई और उनके भाई के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई इंदौर, धार और मानपुर में पांच स्थानों पर एक साथ की गई। जांच में 5.60 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला, जो उनकी आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती।  

आय से अधिक संपत्ति

लोकायुक्त इंदौर (Indore Lokayukta Raid) के डीएसपी आरडी मिश्रा के अनुसार, मंडलोई भाइयों की कुल आय 3 करोड़ 2 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई है, लेकिन उनकी चल-अचल संपत्ति का मूल्यांकन 5 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक है। इस प्रकार, उनकी संपत्ति उनकी घोषित आय से 84% अधिक है।  

छापेमारी में क्या मिला?  

छापेमारी के दौरान लोकायुक्त टीम को धार में कनीराम मंडलोई का आलीशान बंगला, इंदौर में उनके भाई हेमराज का निवास और मानपुर में उनके भांजे का फार्महाउस मिला। इसके अलावा, कई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां और अन्य संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए।

भ्रष्टाचार की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई  

लोकायुक्त को कनीराम मंडलोई और उनके भाई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने विभिन्न ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की। शिकायत के मुताबिक, मंडलोई भाइयों ने सहकारी संस्था में अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति अर्जित की है।  

इंदौर में सहकारी संस्था से जुड़े भ्रष्टाचार और बढ़ते आपराधिक मामलों ने प्रशासनिक तंत्र की कमजोरियों को उजागर किया है। लोकायुक्त और पुलिस विभाग को ठोस कदम उठाने के साथ-साथ जनजागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा।

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एमपी में लगातार आ रहे बेनामी सपत्ति के मामले

मध्यप्रदेश में इन दिनों लगातार बेनामी संपत्ति के मामले आ रहे हैं। इससे पहले लोकायुक्त की कार्रवाई में भाेपाल के सौरभ शर्मा नाम के एक आरक्षक के यहां 54 किलो सोना, 232 किलो चांदी और 10 करोड़ कैश मिले। हालांकि आरक्षक छापेमारी (Indore Lokayukta Raid) के पहले ही भागकर दुबई चला गया। इसके बाद ED ने सौरभ और उसके करीबी चेतन पर केस दर्ज कर लिया है। सौरभ के खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत केस दर्ज किया गया है।

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