Indore Rishwat Case: इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का दरोगा 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, सुपरवाइजर भी पकड़ाया

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की मुहिम के बावजूद मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इंदौर से सामने आए ताजा मामले में लोकायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के दरोगा और सुपरवाइजर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

Indore Rishwat Case: इंदौर में स्वास्थ्य विभाग का दरोगा 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, सुपरवाइजर भी पकड़ाया

हाइलाइट्स

  • इंदौर नगर निगम का दरोगा रिश्वत लेते गिरफ्तार।
  • लोकायुक्त टीम ने 3 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा।
  • रिश्वत मामले में सुपरवाइजर को भी किया अरेस्ट।

Indore Nagar Nigam corruption Lokayukta action: मध्य प्रदेश में सरकारी दफ्तरों में बैठे रिश्वतखोरों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी रिश्वतखोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में रिश्वत का खेल जारी है। ताजा मामला इंदौर का है, जहां लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए इंदौर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के दरोगा को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दरोगा ने ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में 10 हजार रुपए की डिमांड की थी। लोकायुक्त ने मामले में सुपरवाइजर को भी पकड़ा है। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया।

ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी रिश्वत

लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान के अनुसार, शिकायतकर्ता मनोज चौहान ने बताया कि उसने एक ट्रैक्टर C-21 मॉल का मलबा साइट पर डालने के लिए ₹500 प्रतिदिन किराए पर लगाया था। 24 सितंबर को नगर निगम जोन-22 के दरोगा गोपाल पटौना और सुपरवाइजर भरत मुराड़िया ने ट्रैक्टर को यह कहकर जब्त कर लिया कि मलबे के साथ कचरा भी है। इसके बाद आरोपियों ने ट्रैक्टर छोड़ने के बदले ₹10,000 की रिश्वत की मांग की और पैसे न देने पर ट्रैक्टर जब्त करने की धमकी दी।

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पहले ₹2,000, फिर ₹3,000 की डील

शिकायत की पुष्टि के लिए सत्यापन कराया गया, जिसमें सामने आया कि भरत मुराड़िया ने उसी समय ₹2,000 की राशि ले ली थी और शेष ₹3,000 की मांग गुरुवार (25 सितंबर) को की। इस दौरान फरियादी का मोबाइल भी अपने पास रख लिया और कहा कि “कल पैसे लेकर आना, तभी मोबाइल मिलेगा।”

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लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ा

जब फरियादी ने बचे हुए ₹3,000 देने के लिए संपर्क किया, तो दरोगा गोपाल पटौना ने पैसे लेकर भरत मुराड़िया को सौंप दिए। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर दोनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

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कार्रवाई में लोकायुक्त की टीम सक्रिय

यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। पूरी ट्रैप कार्रवाई को निरीक्षक प्रतिभा तोमर ने लीड किया। टीम में रहीम खान, प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक शैलेन्द्र बघेल, आदित्य भदौरिया, कमलेश परिहार, राकेश मिश्रा और शेर सिंह शामिल रहे।

लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया है। अब मामले की गहन जांच जारी है।

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