Indore Honey Trap Case: इंदौर के हनी ट्रैप केस में अब होगी गवाही, कोर्ट ने आरोपियों को पेश होने का दिया आदेश

इंदौर के हनी ट्रैप केस में कोर्ट ने आरोप तय कर लिए हैं। अब आरोपियों की गवाही ली जाएगी।

Honey Trap

Indore Honey Trap Case: इंदौर के चर्चित हनी ट्रैप केस में कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। इसका मतलब है कि अब गवाही का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने 7 दिसंबर को सुनवाई में सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिया था। शनिवार (25 जनवरी) को सुनवाई में आरोपियों की तरफ से वकील कोर्ट में पेश हुए थे। ऐसे में 8 फरवरी से इस मामले में गवाही का सिलसिला शुरू होगा। 

हनी ट्रैप में फंसे शख्स की मृत्यु 

हनी ट्रैप मामले के पीड़ित हरभजन सिंह की हाल ही में मौत हो गई है। अश्लील वीडियो बनाकर हरभजन को लड़कियां ब्लैकमेल कर रही थीं। हरभजन ने लड़कियों को लाखों रुपये भी दिए फिर भी उन्होंने हरभजन का पीछा नहीं छोड़ा। इसके बाद हरभजन ने पुलिस से गुहार लगाई। मामले की जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पता चला कि कई अफसर और नेता भी इस हनी ट्रैप में फंसे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया है।

आरोपियों के खिलाफ चार्ज फ्रेम हुआ

शनिवार को कोर्ट ने आरोपी महिला पर चार्ज फ्रेम (आरोप तय) कर दिए हैं। हालांकि आरोपी की वकील ने इन आरोपों को मानने से इनकार कर दिया है। बता दें, इंदौर नगर निगम में सिटी इंजीनियर रहे हरभजन सिंह ने हनी ट्रैप की शिकायत दर्ज कराई थी। साल 2019 में केस दर्ज किया गया था। इसमें कुल 8 आरोपी सामने आए थे।

भारतीय दंड संहिता के तहत दोष तय

शनिवार को इंदौर में अजा अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश देवेंद्र प्रसाद मिश्रा ने आरोपी मोनिका उर्फ सीमा पिता हीरालाल यादव पर आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने जारी आदेश में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 120बी/385, 120बी/389, 467, 468 और 471 के तहत दोषी पाया है। मामले में अगली सुनवाई 8 फरवरी को की जाएगी।

अश्लील वीडियो के नाम पर किया ब्लैकमेल

6 साल पहले नगर निगम के तत्कालीन चीफ इंजीनियर हरभजन सिंह को कुछ महिलाओं ने अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल किया था। ब्लैकमेल कर 3 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। इसके बाद हरभजन ने 17 सितंबर 2019 को इसकी शिकायत पलासिया पुलिस थाने में की थी। मामले में पुलिस ने 6 महिलाओं समेत आठ को आरोपी माना। आरती, मोनिका, श्वेता (पति विजय), श्वेता (पति स्वप्निल), बरखा को कोर्ट ने जेल भेज दिया था। इन लोगों के अलावा कार ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी को भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में सब को जमानत मिल गई थी।

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