इंदौर के डीएफओ ने किया सुसाइड : दिनभर ऑफिस में मीटिंग की, शाम को सरकारी बंगले में मिला शव, 7 महीने बाद था रिटायरमेंट

Indore DFO Suicide: डीएफओ ने दिनभर ऑफिस में मीटिंग की और शाम को सरकारी बंगले में शव मिला है।

Indore DFO Suicide

Indore DFO Suicide: इंदौर में पदस्थ वन मंडल अधिकारी (DFO) महेंद्र सिंह सोलंकी ने सुसाइड कर लिया है। शुक्रवार, 13 दिसंबर की शाम को उनका शव सरकारी बंगले पर मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सुसाइड का कारण पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही इंदौर पुलिस और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी सोलंकी के सरकारी आवास पर पहुंच कर मामले की पड़ताल कर रहे हैं।

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डीएफओ की पत्नी प्रोफेसर, बेटियां डॉक्टर

सुसाइड करने वाले डीएफओ सोलंकी के परिवार में दो बेटियां हैं, जो कि डॉक्टर हैं। पत्नी प्रोफेसर हैं और खरगोन में पदस्थ हैं।

सुसाइड की वजह पता नहीं चली

जानकारी के मुताबिक महेंद्र सिंह सोलंकी ने दिन में विभागीय कर्मचारियों के साथ बैठक की थी। इसके बाद वे शाम को घर गए थे। हालांकि सीसीएफ बघेल ने बताया कि डीएफओ किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुए थे।

एडिशनल सीपी अमित सिंह ने बताया कि डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी ने शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सुसाइड करने की वजह का पता नहीं चल सका है।

घर में ही फंदे पर लटके मिले

बताया जा रहा है कि डीएफओ करीब 12.30 बजे अपने घर के ऊपर के कमरे में आराम करने गए थे। इसके बाद से नीचे नहीं उतरे। सोलंकी के बुजुर्ग माता-पिता घर पर मौजूद थे। उन्होंने नौकर को बोला तो उसने जाकर कमरे में आवाज लगाई। कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलने से वह वापस नीचे आ गया। उसे लगा कि वो सोए हुए हैं। वहीं कुछ देर बाद नौकर ने वापस देखा तो उसे कुछ शक हुआ। जिसके बाद दरवाजा तोड़ा तो डीएफओ का शव फंदे पर लटका हुआ था।

खरगोन के रहने वाले थे डीएफओ सोलंकी

डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी खरगोन जिले के रहने वाले थे। वे पिछले दो साल से इंदौर में पदस्थ थे। 7 महीने बाद वह रिटायर होने वाले थे। वे इंदौर में माता-पिता और पत्नी के साथ रहते थे।

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