Conjoined Twins Indore: इंदौर में जन्मी कंजोइंड ट्विन्स, जिसके 2 सिर, 2 दिल, 4 हाथ और 1 छाती, पेट, लेकिन बचना मुश्किल

Conjoined Twins Indore: इंदौर में फिर एक बार दो सिर वाली बच्ची का जन्म हुआ है। पिछले 23 दिन के अंदर कंजोइंड ट्विन्स का यह दूसरा मामला सामने आया है।

Indore Conjoined Twins

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Conjoined Twins Indore: इंदौर में फिर एक बार दो सिर वाली बच्ची का जन्म हुआ है। पिछले 23 दिन के अंदर कंजोइंड ट्विन्स का यह दूसरा मामला सामने आया है। खरगोन के मोथापुरा गांव के सोनाली और आशाराम की पहली बेटी है। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें स्पष्ट किया है कि उनके जिंदा रहने के चांस बहुत कम है।

महाराजा तुकोजीराव अस्पताल में 13 अगस्त 2025 को कंजोइंड ट्विन्स (जुड़े हुए बच्चे) का जन्म हुआ है। इस बच्ची के दो सिर, दो दिल और चार हाथ हैं, जबकि उसका सीना और पेट एक ही है। बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे एमवाय अस्पताल की PICU (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

कितने शिशुओं में ऐसे जन्म?

चिकित्सा क्षेत्र में इसे पैरापैगस डायसेफेलस कहा जाता है। यह एक अत्यंत दुर्लभ स्थिति है, जो आमतौर पर 50,000 से 2 लाख शिशुओं में से किसी एक में देखी जाती है।

क्या सर्जरी से संभव है जीवन ?

डॉक्टरों के ऑब्जर्वेशन में यह पाया गया है कि जब एक बच्ची रोती है, तो दूसरी बच्ची के अंगों में भी हरकत होती है और उसकी नींद खुल जाती है। बच्ची के मुख्य अंग एक ही होने के कारण, डॉक्टरों ने उसे सर्जरी से अलग करने की संभावना को पूरी तरह से नकार दिया है।

क्यों होते है कंजोइंड ट्विन्स ?

डॉक्टरों के मुताबिक, कंजोइंड ट्विन्स की स्थिति आनुवंशिक नहीं होती और न ही इसका संबंध मां के स्वास्थ्य से होता है। यह स्थिति गर्भावस्था के शुरुआती चरण में भ्रूण के ठीक से विकसित न हो पाने के कारण पैदा होती है।

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अब तक कितने जन्मे ऐसे बच्चें ?

22 जुलाई को भी इंदौर के MTH में दो सिर वाली एक बच्ची का जन्म हुआ था। उस बच्ची के दो सिर थे, लेकिन शरीर का पूरा हिस्सा एक था। उसके दो दिलों में से एक खराब था, जिस कारण दूसरे दिल पर दबाव था।

48 घंटे से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते ?

डॉक्टर प्रीति मालपानी के मुताबिक, ऐसे बच्चे में जीवित रहने की संभावना 0.1% से भी कम होती है। इस मामले को डॉक्टरों ने एक केस स्टडी के रूप में देखा था, क्योंकि ऐसे बच्चे आमतौर पर 48 घंटे से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते हैं। 22 जुलाई को जन्मी बच्ची 16 दिनों तक जीवित रही, जिसने 6 अगस्त को घर में दम तोड़ दिया था।

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