Indore Cartoonist Controversy: कार्टूनिस्ट की याचिका पर SC में 14 जुलाई को सुनवाई, PM-RSS पर कार्टून बनाने पर FIR

Cartoonist Hemant Malviya: इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम पर कोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगा। हेमंत पर पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस से जुड़ा आपत्तिजनक कार्टून बनाने का आरोप है। Indore Cartoonist Controversy Update rss-pm-modi-cartoon-case-hemant-malviya-supreme-court-hearing-azx

Indore Cartoonist Controversy: कार्टूनिस्ट की याचिका पर SC में 14 जुलाई को सुनवाई, PM-RSS पर कार्टून बनाने पर FIR

Cartoonist Hemant Malviya Controversy: इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम पर कोर्ट 14 जुलाई को सुनवाई करेगा। इससे पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 8 जुलाई को हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

हेमंत पर पीएम नरेंद्र मोदी और आरएसएस से जुड़ा आपत्तिजनक कार्टून बनाने का आरोप है। इसके साथ ही हेमंत पर भगवान शिव के बारे में अनुचित टिप्पणी करने का आरोप है।

अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका

हेमंत मालवीय ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग की है। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार 14 जुलाई को सुनवाई होगी।

हेमंत की ओर से वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट में कहा कि यह कार्टून 2021 में पोस्ट किया गया था, लेकिन एफआईआर अब दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें- MP Growth Conclave: इंदौर में प्रदेश के शहरों के भावी विकास के लिए होगा मंथन, 1500 इन्वेस्टर्स से चर्चा करेंगे सीएम मोहन

HC ने जमानत देने से किया इनकार

इससे पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने 8 जुलाई को हेमंत मालवीय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में गंभीर आरोप हैं, इसलिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।

धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

हेमंत मालवीय के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया थाने में RSS कार्यकर्ता और वकील विनय जोशी ने शिकायत की थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि कार्टून के जरिए हेमंत ने हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और सामाजिक शांति भंग करने की कोशिश की।

3 साल तक की सजा का प्रावधान

हेमंत पर जो बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा लगाई गई है, उसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद हाई कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत नहीं दी।

यह भी पढ़ें- MP HC: MP Nursing College Recognition के साथ होगी पैरामेडिकल कॉलेजों की PIL पर सुनवाई, रजिस्ट्रार-चेयरमैन होंगे पक्षकार

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article