India last Village: भारत के आखिरी गांव माणा की खूबसूरती देख रह जाएंगे हैरान, हिंदुस्तान की अंतिम दुकान में चाय पीना भी ना भूलें

India last Village: भारत के आखिरी गांव माणा की खूबसूरती देख रह जाएंगे हैरान, हिंदुस्तान की अंतिम दुकान में चाय पीना भी ना भूलें

Last Village of India: आज हम बात कर रहे हैं भारत के आखिरी गांव की। जो उत्तराखंड में बद्रीनाथ से करीब तीन किलोमीटर आगे समुद्र तल से लगभग 10 हजार फुट की ऊंचाई पर बसा है। भारत के अंतिम गांव का नाम माणा है। इस गांव की खूबसूरती देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां आकर आप हिन्दुस्तान की आखिरी चाय की दुकान में चाय की चुस्की भी ले सकते हैं, क्योंकि इसी गांव में देश की अंतिम चाय की दुकान भी है। इस गांव का नाता महाभारत काल से भी जुड़ा है। कहानी प्रचलित है कि, इस गांव से होते हुए ही पांडव स्वर्ग गए थे। आइए जानते हैं इस गांव से जुड़ी बातें...

हिंदुस्तान की अंतिम चाय की दुकान
बद्रीनाथ धाम से तीन किलोमीटर आगे माणा गांव (मणिभद्रपुरम) में हिन्दुस्तान की आखिरी चाय की दुकान है। इसके बाद समूचे इलाके में गश्त करते हुए फौजी ही फौजी नजर आते हैं। यहां से कुछ दूरी पर ही भारत और चीन की सीमा शुरू हो जाती है।

घर-घर में बनाई जाती है शराब
माणा गांव की आबादी 400 के करीब है। यहां के ज्यादातर घरों को बनाने में लकड़ी का प्रयोग हुआ है। छत पत्थर के पटालों की बनी है। इन घरों की खूबी ये है कि ये मकान भूकंप के झटकों को आसानी से झेल लेते हैं। मकानों में ऊपरी मंजिल में घर के लोग रहते हैं। नीचे पशुओं को रखा जाता है। यहां के लोगों का प्रमुख पेय पदार्थ शराब के बाद चाय है। यहां चावल से शराब बनाई जाती है। घर-घर में शराब बनती है।

छह महीने तक रहती है ज्यादा चहल-पहल
माणा गांव का पौराणिक नाम मणिभद्र है। पर्यटक यहां अलकनंदा और सरस्वती नदी का संगम देखने भी आते हैं। गणेश गुफा, व्यास गुफा और भीमपुल भी यहां आकर्षण का केंद्र हैं। मई से अक्टूबर महीने के बीच बड़ी संख्या में टूरिस्ट यहां आते हैं। छह महीने तक यहां काफी चहल-पहल रहती है। बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने पर यहां पर आवाजाही बंद हो जाती है।

यहीं से स्वर्ग गए थे पांडव
गांव में सरस्वती नदी पर 'भीम पुल' है। मान्यता है कि, जब पांडव स्वर्ग जा रहे थे, तब उन्होंने सरस्वती नदी से आगे जाने के लिए रास्ता मांगा था। लेकिन जब सरस्वती नदी ने मना कर दिया, तब भीम ने दो बड़ी शिलायें उठाकर इसके ऊपर रख दीं, जिससे पुल का निर्माण हुआ। कहा जाता है कि, इस पुल से होते हुए पांडव स्वर्ग चले गए।

ऐसे पहुंचे माणा गांव

  • हरिद्वार और ऋषिकेश से माणा गांव तक NH 58 के जरिए पहुंचा जा सकता है।
  • नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार में है, जो कि यहां से 275 किमी है।
  • आप बस, टैक्सी या कैब के जरिए भी माणा पहुंच सकते हैं।
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