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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे (Indian Railway) आए दिन एक से बढ़कर एक नए कीर्तिमान को गढ़ रहा है। इनदिनों रेलवे लंबी मालगाड़ी के परिचालन पर काम कर रहा है। पहले जहां चार ट्रेनों को जोड़कर शेषनाग के नाम से ट्रेन चलाई गई थी। वहीं अब इस ट्रेन की लंबाई को पछाड़ते हुए एक नई ट्रेन को को चलाया गया है। जिसे वासुकी (Vasuki) नाम दिया गया है।
पांच इंजनों वाली एक मालगाड़ी
वासुकी को पांच इंजनों के साथ चलाया गया है। इस ट्रेन को 295 डिब्बों के साथ पटरी पर दौड़ाया गया। इस मालगाड़ी की कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर है। सबसे पहले इसे रायपुर रेल मंडल के भिलाई से विलासपुर रेलमंडल के कोरबा तक चलया गया। रलवे ने इस ट्रेन को दुनिया की सबसे लंबी ट्रेन होने का भी दावा किया है। इस मालगाड़ी में लगे पांचों इंजनों को एक इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल से जोड़ा गया था। ताकि सभी इंजन एक साथ काम कर सकें।
लंबी ट्रेन से स्टाफ की होगी बचत
रेलवे ने लंबी मालगाड़ियों के बारे में बताया कि हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि मालगाड़ियों के परिचालन को कम किया जा सके और स्टाफ की भी बचत हो। वहीं जितनी लंबी ट्रेन होगी उससे ग्राहको को जल्द से जल्द समानों की डिलीवरी देने में भी आसानी होगी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस ट्रेन के बारे में ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्विट में लिखा कि 295 वैगन और 5 इंजन वाली, 3.5 किलोमीटर लंबी वासुकी ट्रेन का संचालन कर भारतीय रेल द्वारा कीर्तिमान स्थापित किया गया है। कम लागत, अधिक सुविधाएं, और बेहतर सुरक्षा के कारण रेलवे देश में माल ढुलाई का पसंदीदा साधन बनती जा रही है।
मालगाड़ियों के लिए बनाया गया है फ्रेट कॉरिडोर
मालूम हो कि भारत में कई रूटों पर मालगाड़ी के लिए फ्रेट कॉरिडोर बनाया गया है। इन पर केवल मालगाड़ियां ही चलेगी। ऐसे में रेलवे चाहती है कि इन डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर डेढ़ किलोमीटर की लंबाई वाली मालगाड़ियों को चलाया जाय। इसी को लेकर रेलवे लगातार काम कर रही है। बतादें कि इससे पहले जब भारतीय रेलवे ने एनाकोंडा और शेषनाग को चलाया था तो दुनिया हैरान हो गई थी।
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