Indian Railways: लुटेरे सिक्के से ट्रेन को कैसे रोकते हैं, जानिए क्या है रेलवे का ऑटोमेटिक स्टॉप सिग्नल?

Indian Railways: लुटेरे सिक्के से ट्रेन को कैसे रोकते हैं, जानिए क्या है रेलवे का ऑटोमेटिक स्टॉप सिग्नल? Indian Railways: How do robbers stop the train with a coin, know what is the railway's automatic stop signal nkp

Indian Railways: लुटेरे सिक्के से ट्रेन को कैसे रोकते हैं, जानिए क्या है रेलवे का ऑटोमेटिक स्टॉप सिग्नल?

इंदौर। दुनियाभर के अपराधी, वारदातों को अंजाम देने के लिए नए-नए तरीके खोजते रहते हैं। इस कड़ी में शाजापुर पुलिस ने ऐसे शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। जो सिक्के के सहारे से ट्रेन के सिग्नल से छेड़छाड़ करते थे और फिर उसे ग्रीन से रेड सिग्नल में बदल देते थे। जब ट्रेन आउटर पर रुकती थी तो ट्रेन में बैठी सवारियों से लूटपाट कर भाग जाते थे।

पुलिस ने सीन को रीक्रिएट किया

रेलवे पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों लुटेरों को गिरफ्तार कर मौके पर लेकर गई और ट्रेन रोकने वाले सीन को रीक्रिएट कराया। लुटेरों का यह तरीका देख पुलिस भी दंग रह गई। शाजापुर रेलवे पुलिस ने हरियाणा के पंजाबी कॉलोनी निवासी दीपक और तिलक नगर निवासी राहुल वाल्मीकि को गिरफ्तार कर लिया है। आइए जानते हैं लुटेरे कैसे सिक्के की सहायता से इस लुट को अंजाम देते थे।

रेलवे ऑटोमैटिक स्टॉप सिग्नल का इस्तेमाल करता है

कई लोग इस बारे में सोचते होंगे कि आखिर पटरी में सिक्कों को फंसाने से सिग्नल लाल क्यों हो जाता है? बतादें कि पटरियों के जरिये ही इंडियन रेलवे सिग्नल भेजता है। इस सिग्नल प्रणाली को ऑटोमैटिक स्टॉप सिग्नल कहते हैं। रेल की पटरी ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सेक्शन की कई सीरीज में बंटी रहती है। रेल पटरियों में हर ज्वाइंट के पास मौजूद छोटी सी जगह सर्किट ब्रेकर के रूप में काम करती है और इसी वजह से सिग्नल ग्रीन रहता है।

इस कारण सिग्नल लाल हो जाता है

जब इस खाली जगह पर कोई छातु या सिक्का लगा दिया जाता है तो ये एक कंडक्टर के तौर पर काम करने लगता है और इससे सर्किट टूटता नहीं बल्कि बरकरार रहता है, इसी वजह से सिग्नल लाल हो जाता है। हालांकि, भारतीय रेलवे का कहना है कि रेलवे की सिग्निलिंग प्रणाली इतनी कमजोर नहीं है कि महज एक सिक्का डाल कर इसे तोड़ा जा सके। लेकिन दूसरी तरफ कई जगहों से ऐसे मामले सामने आए हैं जहां लुटेरों ने सिक्कों की मदद से ट्रेन को रोकने में सफलता हासिल की है।

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