Indian Railways: एक अनोखा रेलवे स्टेशन! जहां 2 KM है, प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 2 के बीच की दूरी

रेलवे केवल बड़े रेल नेटवर्क की वजह से ही सुखियों में नहीं रहता है, बल्कि यह बहुत से हैरान कर देने वाले किस्सों के कारण भी ख़बरों में रहता है.

Indian Railways: एक अनोखा रेलवे स्टेशन! जहां 2 KM है, प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 2 के बीच की दूरी

Indian Railways: भारतीय रेलवे से जुड़े हुए कई किस्से रोजाना वायरल होते है. रेलवे स्टेशन की कई अजीबोग़रीब तस्वीरें भी चर्चाओं में बनी रहती है. वैसे तो भारतीय रेलवे का नेटवर्क एशिया में सबसे बड़ा है. साथ ही दुनिया भर मे यह चौथे नंबर पर आता है. भारतीय रेलवे केवल बड़े रेल नेटवर्क की वजह से ही सुखियों में नहीं रहता है, बल्कि यह बहुत से हैरान कर देने वाले किस्सों के कारण भी ख़बरों में बना रहता है.

दो प्लेटफॉर्म के बीच 2 किलोमीटर की दूरी 

आपने भी रेल से सफर तो ज़रूर किया होगा. इस दौरान रेलवे स्टेशन पर भी गए होंगे, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि दो प्लेटफॉर्म के बीच करीब 2 किलोमीटर की दूरी होती है. आपका जवाब ज़रूर ना में आएगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारें में बताने वाले है. जहाँ पर दो प्लेटफॉर्म के बीच की दूरी किलोमीटर में है.

जी हाँ, बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित बरौनी गांव नामक कस्बे में बना एक रेलवे स्टेशन इन दिनों काफी सुर्खियों में बना हुआ है. यह अनोखा रेलवे स्टेशन "बरौनी जंक्शन" के नाम से जाना जाता है. साल 1883 में बरौनी जंक्शन बनकर तैयार हुआ था. उस समय स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की संख्या एक से शुरू होती थी. पहले प्लेटफॉर्म नंबर एक पर केवल मालगाड़ी खड़ी हुआ करती थी. फिर स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद नया बरौनी जंक्शन बनाने का फैसला किया गया.

एक ही नाम के दो रेलवे स्टेशन

इसमें हैरानी कर देने वाली बात यह है कि नया बरौनी जंक्शन पुराने बरौनी जंक्शन से करीब 2 किलोमीटर दूर बनाया गया है. अब एक ही जगह पर दो किलोमीटर की दूरी में एक ही नाम के दो स्टेशन यात्रियों को कन्फ्यूज कर देते है. इसके अलावा जैसे ही नया बरौनी रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हुआ तो पुराने बरौनी रेलवे स्टेशन से एक नंबर प्लेटफॉर्म को हटा दिया गया था.

उसके बाद से पुराने बरौनी रेलवे स्टेशन पर 2 नंबर से ही प्लेटफॉर्म की संख्या शुरू होती है. देखा जाए तो यह बहुत ही अनोखा रेलवे स्टेशन होगा, जहां पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 ही मौजूद नहीं है. साथ ही 1 नंबर प्लेटफॉर्म की दुरी करीब 2 किलोमीटर होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

अब आप ही सोचिये जिन यात्रियों की ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर एक पर होती है, उन्हें दो किलोमीटर की दूरी तय करके दूसरे रेलवे स्टेशन तक समय से पहुंचना होता है. कई बात तो यात्री समय से प्लेटफॉर्म पर भी नहीं पहुँच पाते है, ऐसे में उनकी ट्रेन तक छुट जाती है.

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