Indian Railway : भारतीय रेलवे यहां बना रहा है , देश का सबसे लंबा ओवर ब्रिज

जबलपुर। कटनी में 35 किलोमीटर लंबा देश का सब से बड़ा और पहला रेल ओवर ब्रिज तैयारी किया जा रहा है..इस ओवर ब्रिज के बनने से कटनी जंक्शन में ट्रेनों की आवाजाही के ट्रेनों को आउटर में इंतज़ार खत्म होगा साथ ही सैकड़ो मालगाड़ियों के लिए बिना मैन लाइन सीधे अपने परिचालन को गति मिलेगी ,लगभग 13 सौ के इस प्रोजेक्ट को 2023 में पूरा करने का लक्ष्य पश्चिम मध्य रेलवे ने रखा है।

गुड्स ट्रेनों की आवाजाही होगी

प्रदेश के कटनी में देश का सबसे लंबा रेल फ्लाई ओवर बनाया जा रहा है. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में कटनी बीना रेल खंड पर रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण हो रहा है, जिससे मालगाड़ियों के निर्बाध परिचालन में गति आएगी और समय की बचत भी होगी. इस ग्रेड सेपेरेटर से बिलासपुर ,सिंगरौली और बीना रेलखंड पर मालगाड़ियों को कटनी में स्टेशनों के ऊपर ही ऊपर सुगमता से निकाला जा सकेगा।
रेलवे के इस ओवरब्रिज को “उड़ता जंक्शन” के नाम से पहचाना जाने लगा है , हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे कटनी ग्रेड सेपेरेसन का नाम दिया गया है. यह ओवर ब्रिज मालगाड़ियों को गति देने के लिए कटनी बीना रेलखंड पर बिछाई गई  थर्ड लाइन पर बनाया जा रहा है. इस ओवर ब्रिज में अप और डाउन का रेलवे ट्रेक है जिससे गुड्स ट्रेनों की आवाजाही होगी।

2023 तक पूरा हो जाने की संभावना

अप लाइन पर 16.08 किलोमीटर और डाउन लाइन पर 18.01 किलोमीटर लंबा रेल ओवर ब्रिज बन रहा है. रेलवे का यह मेगा प्रोजेक्ट 1247 करोड़ की लागत से इरकॉन कंपनी के प्रयास से तैयार किया जा रहा है. ओवर ब्रिज 673 पिलर के ऊपर बनाया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट 2016 में स्वीकृत हुआ था और परियोजना का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाने की संभावना है।

 पुल का निर्माण पश्चिम मध्य रेलवे की उपलब्धि

कटनी से प्रतिदिन गुजरने वाली सैकड़ो गुड्स ट्रेनों में ज्यादातर कोयला लेकर बिलासपुर और सिंगरौली की ओर से आती हैं.  इन मालगाड़ियों को न्यू कटनी जंक्शन (NKJ) और कटनी मुड़वारा जंक्शन से होकर गुजरना पड़ता है. जिससे ट्रेन कई-कई घंटे लेट हो जाती हैं और रेलवे को डेमरेज देना पड़ता है. कटनी में रेल फ्लाई ओवर बन जाने से बिलासपुर , सिंगरौली और बीना रेलखंड पर मालगाड़ियों के परिचालन को गति मिलेगी। इस पुल के निर्माण के पहले ही इन को उड़ता जंक्शन के नाम से लोग बुलाने लगे है साथ ही इस पुल के निर्माण के साथ ही पश्चिम मध्य रेलवे की उपलब्धि में एक और इमबरत मानी जायेगी।

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