मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय में इंडियन फ़र्न सोसाइटी का तीन दिवसीय अधिवेशन का आगाज

मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय में इंडियन फ़र्न सोसाइटी का तीन दिवसीय अधिवेशन का आगाज

राजधानी भोपाल की प्रमुख शिक्षण संस्थान मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय में इंडियन फ़र्न सोसाइटी का तीन दिवसीय अधिवेशन एवं टेरिडोलोजी का राष्ट्रीय सिम्पोसियम दिवस प्रारंभ हो चुका है। जिसमें देश के कई राज्यों से आये वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमीशन के चौयरमेन डॉक्टर भरत शरण सिंह, इंडियन फ़र्न सोसाइटी के सचिव प्रो एस पी खुल्लर, दिल्ली विश्वविद्यालय के इंडियन फ़र्न सोसाइटी के प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर प्रेम उनियाल, बीरबल सावित्री साहनी फाउंडेशन के सचिव डॉक्टर श्याम चंद्र श्रीवास्तव, बोटैनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के वैज्ञानिक डॉक्टर एसएस दास विशेष अतिथियों के रूप में मौजूद रहे।

अधिवेशन के दौरान मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर इंजीनियर गौरव तिवारी ने सभी अतिथि और वैज्ञानिकों का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर अरुण कुमार पांडेय ने अतिथियों को संस्थान की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए हर्ष जताया कि मध्य भरत में पहली बार आईएसएफ की कांफ्रेंस आयोजित की गयी है। आईएसएफ के सचिव प्रोफ एस पी खुल्लर ने सोसाइटी की गतिविधियों के बारे में सभी को अवगत कराया। साथ ही प्रेसिडेंट प्रोफ़ेसर प्रेम उनियाल ने अध्यक्षीय व्याख्यान दिया।

बीरबल सावित्री साहनी फाउंडेशन के सचिव डॉक्टर श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने प्रो अरुण कुमार पांडेय को बीरबल साहनी सेंटेनरी मैडल से सम्मानित किया। यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान वनस्पति शास्त्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु प्रदान किया जाता है। बीएसआई के वैज्ञानिक डॉक्टर एस एस दास ने टेरिडोफाइट के महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि डॉक्टर भरत शरण सिंह ने अपने व्याख्यान में भरत वर्ष की प्राचीन परम्पराओं और विज्ञान के क्षेत्र में हुए कार्यों की सराहना करते हुए विदेशियों के कथन को सहज मान लेने के बजाय भारतीय वैज्ञानिकों के शोध एवं कार्यों को समझने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने युवाओं को शोध के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर अतिथियों ने 2 किताबों का विमोचन भी किया, जिसमे से एक किताब मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर अरुण कुमार पांडेय द्वारा लिखित है।

सत्र के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन प्रो वाईस चांसलर कर्नल एच आर रुहिल ने किया। बता दें कि तीन दिवसीय चलने वाले इस अधिवेशन में विभिन्न वैज्ञानिक अपने शोध कार्यों से फैकल्टी, स्टूडेंट्स एवं अन्य वैज्ञानिकों को अवगत कराएंगे। मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय की चांसलर मंजुला तिवारी ने इस अति विशिष्ट अधिवेशन की प्रशंसा करते हुए आयोजक समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

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