भारत ने 2015-20 के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए: डब्ल्यूटीओ -



भारत ने 2015-20 के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए: डब्ल्यूटीओ

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) विश्व व्यापार संगठन ने कहा है कि भारत ने व्यापार को सुविधाजनक बनाने के लिए 2015 से 2020 के बीच कई उपायों को लागू किया है, जिनमें आयात और निर्यात के लिए प्रक्रियाओं और सीमा शुल्क निकासी को सरल बनाना शामिल है।

जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ ने कहा कि भारत द्वारा 2015 से शुरू की गई व्यापार सुविधा पहलों में भारतीय सीमा शुल्क इलेक्ट्रॉनिक गेटवे (आइसगेट), व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एकल खिड़की इंटरफेस (स्विफ्ट), बंदरगाह पर सीधे डिलीवरी और सीधे एंट्री की सुविधाएं और जोखिम प्रबंधन प्रणाली (आरएमएस) का अधिक इस्तेमाल शामिल है।

विश्व व्यापार संगठन में छह जनवरी से शुरू हुई भारत की सातवीं व्यापार नीति समीक्षा (टीपीआर) की रिपोर्ट में उक्त बिंदुओं का जिक्र किया गया है। टीपीआर के तहत सदस्य देश की राष्ट्रीय व्यापार नीतियों की व्यापक समीक्षा की जाती है। भारत की आखिरी टीपीआर 2015 में हुई थी।

डब्ल्यूटीओ ने कहा, ‘‘भारत ने समीक्षाधीन अवधि के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई उपायों को लागू किया, जैसे गैरजरूरी दस्तावेजों की संख्या में कमी और आयात-निर्यात के लिए सीमा शुल्क निकासी प्रणाली का स्वचालन।’’

व्यापार संस्था ने कहा कि पिछली समीक्षा के बाद से भारत की व्यापार नीति मोटेतौर पर अपरिवर्तित रही है।

डब्ल्यूटीओ ने कहा कि भारत ने व्यापार नीति के साधनों जैसे टैरिफ, निर्यात कर, न्यूनतम आयात मूल्य, आयात और निर्यात प्रतिबंध तथा लाइसेंस प्रणाली पर निर्भरता को जारी रखा है।

इस बीच एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि टीपीआर के लिए भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव अनूप वधावन ने किया।

उन्होंने अपने प्रारंभिक वक्तव्य में कहा कि यह समीक्षा ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य और आर्थिक संकट का सामना कर रही है।

भाषा पाण्डेय

पाण्डेय

Share This

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password