/bansal-news/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/07/India-First-Underwater-Tunnel.jpg)
India First Underwater Tunnel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा करेंगे। पीएम मोदी कोलकाता में देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो टनल का उद्घाटन करेंगे।
/bansal-news/media/post_attachments/sdsdsd/indias_first_underwater_metro_tunnel.jpg)
बता दें कि अंडरवाटर मेट्रो टनल हुगली नदी के तल से 32 मीटर नीचे चलेगी। इससे लोगों के आने-जाने का समय कम होगा। यह सेक्टर V से हावड़ा तक चलेगी। हुगली के नीचे चलने वाली देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो रेल नदी और हावड़ा को कोलकाता शहर से कनेक्ट करेगी।
520 मीटर हुगली नदी के नीचे बनी है सुरंग​
/bansal-news/media/post_attachments/photo/92889046/92889046.jpg)
हावड़ा से एस्प्लेनेड तक का मार्ग लगभग 4। 8 किमी लंबा है, जिसमें से 520 मीटर हुगली नदी के नीचे सुरंग के जरिए होगा। सुरंग पानी की सतह के स्तर से 32 मीटर नीचे है। इस सुरंग की पूरी लंबाई 10.8 KM अंडरग्राउंड है।
यूरोस्टार ट्रेनों की तरह बनी हैं सुरंगें​
![]()
चैनल टनल से गुजरने वाली लंदन और पेरिस के बीच यूरोस्टार ट्रेनों की तरह ही कोलकाता में मेट्रो की इन सुरंगों को बनाया गया है। Afcons ने अप्रैल 2017 में सुरंगों की खुदाई शुरू की और उसी वर्ष जुलाई में उन्हें पूरा किया। अब इसमें मेट्रो का ट्रायल सफर रहा है। यह भारत के लिए ऐतिहासक क्षण है ।
120 साल तक ऐसे ही रहेगीं सुरंग​
![]()
सुरंगों को 120 साल तक सेवा के लिए बनाया गया है। पानी की एक बूंद भी नदी की सुरंगों में प्रवेश नहीं कर सकती है। सुरंगों के कंक्रीट के बीच में हाइड्रोफिलिक गास्केट हैं। अगर पानी सुरंगों के अंदर आता है, तो गास्केट खुल जाएगी।
पानी के प्रवेश की दूर-दूर तक संभावना में, टीबीएम सुरक्षित निकासी के लिए पनडुब्बी की तरह बंद हो जाएंगे। पारंपरिक सुरंग के विपरीत, नदी सुरंग शुरू होने के बाद बंद नहीं हो सकती है। इन सुरंगों को भूकंपीय क्षेत्र 3 के अनुसार बनाया गया है, जिस जोन में कोलकाता आता है।
टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के कटिंग चेंबर में प्रवेश की आवश्यकता होने पर एफकॉन्स ने अत्यधिक अनुभवी टनल क्रू (India First Underwater Tunnel) को तैनात किया।
हावड़ा-सियालदाह तक यातायात होगा आसान
/bansal-news/media/post_attachments/wp-content/uploads/2023/04/new-project-2023-04-08t171402.280.jpg)
कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के महाप्रबंधक (सिविल) शैलेश कुमार ने कहा, नदी के नीचे सुरंग के दोनों छोरों के एलाइनमेंट के मिलान केवल आवासीय क्षेत्रों और अन्य तकनीकी समस्याओं को सुलझाने के बाद ही संभव हो सकता है।
हावड़ा और सियालदह के बीच यह मेट्रो मार्ग सड़क मार्ग से लगने वाले 1। 5 घंटे के मुकाबले समय को 40 मिनट तक कम कर देगा। इससे दोनों सिरों पर ट्रैफिक जाम में भी कमी आएगी।
देश की पहली मेट्रो भी कोलकाता में हुई थी शुरू
![]()
आपको बता दें कि देश की पहली मेट्रो भी कोलकाता में ही शुरू की गई थी। इसकी शुरुआत साल 1984 में की गई थी। वहीं अगर दिल्ली की बात करें तो यहां साल 2002 में इसकी शुरुआत हुई थी। दिल्ली में मेट्रो का नेटवर्क सबसे बड़ा माना जाता है।
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us