India Fights Corona: कोरोना से जंग के लिए सेनाओं को दी गई आपातकालीन शक्ति, जानिए क्या हैं इसके मायने

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि मलिट्री को आपतकालीन आर्थिक शक्तियों से लैस किया गया है। मलिट्री को ये शक्तियां कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी कोशिशों को मजबूत करने और संकट के समय जंग को और तेज करने के मकसद से दी गई है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर सेना को ये शक्तियां किस परिस्थिति में दी जाती है।

इस कारण शक्तियां दी गई हैं

रक्षा मंत्रालय की माने तो महामारी में सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ही अपनी-अपनी तरह से देश की जनता का हाथ बंटा रही है। ऐसे में जो शक्तियां सेनाओं के कमांडर्स को दी गई हैं उसके तहत उन्‍हें क्‍वारंटाइन फैसिलिटीज को ऑपरेट करने, अस्‍पतालों को संचालित करने और महामारी के लिए जरूरी सपोर्ट सिस्‍टम खरीदने की मंजूरी है। रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, सभी कमांडर्स को मिली ये आर्थिक शक्तियां उन्‍हें क्‍वारंटाइन फैसिलिटीज/अस्‍पतालों को शुरू करने ओर उन्‍हें संचालित करने, उपकरणों की खरीद, मैटेरियल, स्‍टोर्स के रखरखाव और कई और सेवाओं में मदद करेंगी।

सेनाओं के उप प्रमुखों को दी गई पूरी शक्ति

बतादें कि सेनाओं के उप-प्रमुखों जिसमें इंटीग्रेटेड डिफेंस स्‍टाफ शामिल है और आर्मी कमांडर्स जिसमें वायुसेना और नौसेना में इनकी बराबर के रैंक्‍स के अधिकारी शामिल हैं, उन्‍हें फुल पावर दी गई है। इनके अलावा कोर कमांडर्स और एरिया कमांडर्स को भी 50-50 लाख रुपए तक खर्च करने की मंजूरी दी गई है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हमने फुल पावर इसलिए दिया है ताकि वित्‍तीय शक्तियां महामारी के खिलाफ होने वाली प्रतिक्रिया के रास्‍ते में बाधा न बन सकें। मालूम होकि इस तरह की शक्तियां पिछले साल भी दी गई थीं जब महामारी ने पैर पसारने शुरू किए थे।

सेनाओं ने रक्षा मंत्रालय से की थी मांग

गौरतलब है कि पिछले दिनों सेना, वायुसेना और नौसेना ने रक्षा मंत्रालय से उन्‍हें आपातकालीन आर्थिक शक्तियों से लैस करने की मांग की थी। सेनाओं का कहना था कि महामारी के चलते उनके उपर बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में इससे निबटने के लिए इन शक्तियों की जरूरत है। ये आपातकालीन शक्तियां सेनाओं को तीन माह के लिए दी गई हैं।

इस नियम के तहत दी गई शक्तियां

सेनाओं को ये आर्थिक शक्तियां ‘Schedule 23 of ASP in DFPDS-2016’ के तहत दी गई हैं। DFPDS यानी Delegation of Financial Powers to Defence Services और ASP यानी Army Schedule of Powers। DFPDS-2016 का शेड्यूल 23 आपातकालीन आर्थिक शक्तियों से जुड़ा है। इसके तहत स्‍टोर्स, उपकरणों, व्‍हीकल्‍स की खरीद के अलावा, स्‍पेशल सर्विसेज को हायर करना, मानवबल या फिर मशीनरी को शामिल करना आता है। साथ ही साथ किसी भी युद्धाभ्‍यास या ऑपरेशंस के लिए जुड़ा खर्च भी इसमें शामिल होता है।

कब दी जाती है शक्तियां

मालूम को इन शक्तियों में मिलिट्री तैयारियों के लिए जरूरी आपातकालीन या तुरंत खरीद को प्राथमिकता दी जाती है ताकि किसी भी युद्ध जैसे हालातों या प्राकृतिक आपदा से निबटा जा सके। शेड्यूल 23 के तहत इन शक्तियों का प्रयोग प्राकृतिक आपदा और युद्ध जैसे हालातों और उस समय होता है जब सरकार की तरफ से किसी घटना को एक ऑर्डर के जरिए युद्ध, प्राकृतिक आपदा या फिर तबाही के तौर पर घोषित किया जाता है। इसके अलावा जब रक्षा मंत्री घोषणा करते हैं और किसी आपातकाल के लिए सैन्‍य तैयारियों या फिर तुरंत मिलिट्री जरूरतों का आदेश देते हैं तो भी यही नियम लागू होता है।

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