गुजरात के गांवों में वर्ष 2022 के अंत तक, दिन में भी कृषि के लिए बिजली मिलेगी

अहमदाबाद, सात जनवरी (भाषा) गुजरात के सभी 18,000 गांवों के किसानों को वर्ष 2022 के अंत तक कृषि उद्देश्यों के लिए दिन के समय भी बिजली की उपलब्धता होगी। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बृहस्पतिवार को इसकी घोषणा की।

रुपाणी ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने ‘किसान सूर्योदय योजना’ (केएसवाई) के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा बनाने के मद में 3,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जिले के 39 गांवों के लिए परियोजना की शुरुआत करते हुए नर्मदा के तिलकवाड़ा कस्बे की जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने उक्त जानकारी दी।

पिछले साल अक्टूबर में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यह योजना शुरू की थी, जिसका उद्देश्य पूरे प्रदेश के किसानों को सिंचाई और खेती के उद्देश्यों के लिए दिन के समय भी बिजली प्रदान करना था तथा विभिन्न जिलों के गांवों को चरणबद्ध तरीके से इस योजना के दायरे में लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘किसानों की मांग रही थी कि उन्हें दिन के समय खेती के लिए बिजली आपूर्ति की जाए, क्योंकि फसल की सिंचाई करने के लिए रात में खेतों में जाना खतरनाक है। यही कारण है कि हमने इस योजना के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।’

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य 20 जनवरी तक 4,000 गांवों को दिन के समय भी कृषि उद्देश्यों के लिए बिजली प्रदान करना है और वर्ष 2022 के अंत तक सभी 18,000 गांवों में बिजली पहुंचाना है।

उन्होंने कहा, ‘अब, किसान दिन में काम कर सकते हैं और रात में आराम कर सकते हैं।’

रूपानी ने कहा कि पिछले कांग्रेस शासन के विपरीत, गुजरात में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार, ‘किसानों की सरकार’ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में 25 साल पहले कांग्रेस के शासन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी किसानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार खेती के लिए सस्ती बिजली प्रदान करके इस साल 7,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी।

उन्होंने कहा, ‘लंबे समय से हमने किसानों के लिए बिजली दरों में वृद्धि नहीं की है। हालांकि लागत बढ़ रही है, हमने केवल 60 रुपये प्रति यूनिट की दर से शुल्क रखा है।’

पटेल ने कहा, ‘किसानों की ओर से, सरकार जीयूवीएनएल (राज्य बिजली इकाई) को 7,500 करोड़ रुपये की कमी का भुगतान इस साल सब्सिडी के रूप में करेगी।’

उन्होंने कहा कि पूरे राज्य को तीन साल में किसान सूर्योदय योजना के तहत अपने दायरे में लिया जाएगा।

भाषा राजेश राजेश महाबीर

महाबीर

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