Congress Meeting: फिर टला कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, कोरोना की वजह से लिया गया फैसला



Congress Meeting: फिर टला कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव, कोरोना की वजह से लिया गया फैसला

नई दिल्ली। (भाषा) कांग्रेस ने कोरोना महामारी की गंभीर स्थिति के मद्देनजर जून में प्रस्तावित पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव को अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया है और फिलहाल सोनिया गांधी ही पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालती रहेंगी। पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया कि कोरोना महामारी से जुड़े हालात में सुधार होने तक यह चुनाव स्थगित किया जाता है।

सीडब्ल्यूसी के प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालात को देखते हुए सीडब्ल्यूसी इस पर एकमत है कि हमें पूरी ऊर्जा एक-एक जिंदगी को बचाने और कोविड प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए लगानी चाहिए। ऐसे में चुनाव को अस्थायी तौर पर स्थगित करने का संकल्प लिया जाता है।’’ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया है कि यह स्थगन स्थायी नहीं होगा और हालात में सुधार होने पर चुनाव कराया जाएगा।

23 जून को कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव होना था

सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव अगले दो-तीन महीने में होने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण (सीईसी) की ओर से तैयार चुनाव कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन बाद में फैसला किया गया कि मौजूदा स्थिति में चुनाव कराना उचित नहीं है। सूत्रों ने बताया कि सीईसी ने 23 जून को कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया था। उल्लेखनीय है कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल गांधी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

मोदी सरकार पर भी नाराज हुईं सोनिया

इसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव उस वक्त स्थगित किया गया है जब हाल ही में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। असम और केरल में सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी। वहीं, पश्चिम बंगाल में उसका खाता भी नहीं खुल सका। पुडुचेरी में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा जहां कुछ महीने पहले तक वह सत्ता में थी। तमिलनाडु में उसके लिए राहत की बात रही कि द्रमुक की अगुवाई वाले उसके गठबंधन को जीत मिली।भाषा हक हक मनीषामनीषा

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