Budget 2022: जानिए बजट से जुड़े कुछ मुश्किल शब्द आसान भाषा में

कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर और विधानसभा चुनावों के बीच 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2022 पेश होने वाला है। बजट आने पर कई ऐसे शब्द सुनाई देते हैं जिनको समझने में हमे ठोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको बतायेंगे बजट से जुड़े कुछ जरूरी टर्मस बहुत ही आसान भाषा में

Budget 2022: जानिए बजट से जुड़े कुछ मुश्किल शब्द आसान भाषा में

 नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर और विधानसभा चुनावों के बीच 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2022 पेश होने वाला है। बजट आने पर कई ऐसे शब्द सुनाई देते हैं जिनको समझने में हमे ठोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आज हम आपको बतायेंगे बजट से जुड़े कुछ जरूरी टर्मस बहुत ही आसान भाषा में

पर इससे पहले आपको बता दें की आज से संसद का बजट सत्र शुरू हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2022 यानी कल सुबह 11 बजे संसद में अपना चौथा बजट पेश करेंने वाली हैं।

बजट के प्रकार

आमतौर पर बजट तीन प्रकार का होता है, बैलेंस्ड बजट, सरप्लस बजट और डेफिसिट बजट। बैलेंस्ड बजट में इनकम और खर्च की मात्रा का समान होती है। वहीं, सरप्लस बजट में सरकार की आय खर्चों से अधिक होती है यानी की जितना सरकार बजट पर खर्च कर रही है उसे उससे ज्यादा आय हो रही है। डेफिसिट बजट में सरकार के खर्च उसके आय के सोर्स से अधिक होते हैं।

बजट का अर्थ

आपको बता दें कि बजट शब्द की उत्पत्ति फ्रांसीसी शब्द बौगेट (Bougette) से हुई है, जिसका अर्थ है- छोटा बैग. सरकार हर साल 1 अप्रैल से लेकर 31 मार्च के बीच होने वाले खर्चों के लिए एक लेखा-जोखा तैयार करती है, जिसे केंद्रीय बजट कहा जाता है।

आर्थिक सर्वे का मतलब

आर्थिक सर्वे में पिछले एक साल में देश के  आर्थिक  प्रदर्शन का लेखा-जोखा होता है। आर्थिक सर्वे में देश की GDP का अनुमान भी लगाया जाता है। पिछले एक साल के दौरान विकास की  समीक्षा की जाती है। साथ ही  आर्थिक सर्वे भविष्य के लिए सुझाव भी देता है। बजट से पहले संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वे पेश किया जाता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार की देख-रेख में आर्थिक सर्वे  बनता है।

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