IIM Short Term Programme: आईआईएम रायपुर में दो शॉर्ट टर्म मैनेजमेंट प्रोग्राम की शुरुआत, एआई और लीडरशिप पर रहेगा फोकस

IIM Raipur Short Term Programme: आईआईएम रायपुर में दो शॉर्ट टर्म मैनेजमेंट प्रोग्राम आयोजित किए जाने वाले हैं।

IIM Raipur Short Term Programme

IIM Raipur Short Term Programme: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर जल्द ही दो नए मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। इनमें पहला कार्यक्रम 12 से 14 जुलाई तक आयोजित होगा, जिसका विषय है निर्णय लेने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका। यह विशेष रूप से निर्णय निर्माताओं के लिए तैयार किया गया है और इसमें सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी जानकारी भी शामिल होगी।

‘लीडरशिप स्किल्स’ प्रोग्राम  

दूसरा कार्यक्रम “लीडरशिप स्किल्स” को निखारने के लिए तैयार किया गया है, जो 31 अगस्त और 1 सितंबर को दो दिनों के लिए आयोजित किया जाएगा। यह प्रोग्राम खासतौर पर सीनियर बिजनेस प्रोफेशनल्स, टीम लीडर्स और विभागाध्यक्षों के लिए डिजाइन किया गया है।

दी जाएगी व्यावहारिक जानकारी 

इन कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को प्रायोगिक अभ्यास, केस स्टडीज और इंटरऐक्टिव सत्रों के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। पाठ्यक्रम का फोकस मानव संसाधन प्रबंधन, संगठनात्मक व्यवहार, सूचना प्रणाली, लीडरशिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण और उभरते क्षेत्रों पर होगा।

प्रभावी नेता वो नहीं जो सभी उत्तर जानता हो..

IIM रायपुर के निदेशक प्रो. राम कुमार काकानी के मुताबिक, आज एक प्रभावी नेता वह है जो सभी उत्तर न जानते हुए भी सही प्रश्न पूछना जानता हो—ऐसे प्रश्न जिनका उत्तर केवल एल्गोरिद्म से नहीं मिल सकता।

उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण कार्यक्रम सिर्फ कौशल नहीं, बल्कि सोचने के तरीके में बदलाव लाने के लिए बनाए गए हैं। चाहे एआई को समझना हो या प्रबंधन में नई दिशा देनी हो—आज ऐसे लीडर्स की जरूरत है जो बदलाव का इंतजार नहीं करते, बल्कि उसे दिशा देने का साहस रखते हैं।

Guru Purnima 2025: बदलते जमाने के साथ बदलता जा रहा है टीचर और स्टूडेंट का रिश्ता, अब क्यों खत्म हो रहा इमोशनल कनेक्शन

Guru Purnima 2025 Teacher Student Relation Change emotional connection expert comment hindi news

Guru Purnima 2025 Teacher Student Relation Change: आज गुरू के पूजन का दिन गुरू पूर्णिमा है। ये दिन हर साल गुरू और शिष्य के पवित्र रिश्ते की याद दिलाता है। लेकिन बदलते दौर में ये रिश्ता पहले जैसा भावनात्मक नहीं रहा। क्या सिर्फ वक्त बदला है या फिर सोच में भी फर्क आ गया है। खबर पूरी पढ़ने के लिए क्लिक करें..

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article