Room For Rent: 12वीं में नंबर थे कम! तो मकान मालिक ने रेंट पर नहीं दिया कमरा, हैरान कर देने वाला मामला

कई बार तो मकान मालिक घर के बाहर ही साफ़ शब्दों में लिख देते है कि ये मकान रेंट पर सिर्फ फैमिली वालों को ही देंगे.

Room For Rent: 12वीं में नंबर थे कम! तो मकान मालिक ने रेंट पर नहीं दिया कमरा, हैरान कर देने वाला मामला

Room For Rent: बड़े शहरों में नौकरी तो शायद आपको एक बार में मिल जाएगी, लेकिन हां रहने के लिए कमरा ढूंढ पाना किसी सपने से कम नहीं होता हैं. कई बार तो मकान मालिक घर के बाहर ही साफ़ शब्दों में लिख देते है कि ये मकान रेंट पर सिर्फ फैमिली वालों को ही देंगे.

ऐसे में घर से काफी दूर एक बड़े शहर में कमरे की व्यवस्था कर पाना भी समंदर से मोती निकालने जैसा ही लगने लगता हैं. जहां चारों तरफ बड़ी-बड़ी बिल्डिंग तो नज़र आती हैं, पर ये बता पाना हर किसी के बस में नहीं रहता कि रेंट पर कमरा कहां मिलेगा? अगर कोई कमरा मिलता भी है तो बैचलर्स को नए-नए नियमों के तहत एंट्री मिलती है.

मकान मालिक ने कमरा रेंट पर क्यों नहीं दिया?

कई जगहों पर तो शर्त पूरी नहीं करने पर कमरा ख़ाली तक करा लिया जाता हैं. इन दिनों ऐसा ही एक अजीबोग़रीब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं. जिसने भी इस घटना के बारे में जाना, वह पहली बार में तो दंग ही रह गया. क्योंकि बैंगलोर में मकान किराए पर लेना कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा आप इस वायरल व्हाट्सएप चैट से लगाइए.

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देंखे वायरल ट्विट:

https://twitter.com/kadaipaneeeer/status/1651538539409211393?s=20

दरअसल, शुभ नाम के एक यूजर ने अपने चचेरे भाई और एक ब्रोकर के बीच हुई व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर किया है. चैट से यह साफ़ समझ में आ रहा है कि ब्रोकर ने पहले योगेश से उसके डॉक्यूमेंट की कॉपी लेकर मकान मालिक को दिखाए. इन डॉक्यूमेंट में लिंक्डइन, ट्विटर प्रोफाइल, कंपनी का जॉइनिंग लेटर, आधार और पैन कार्ड के साथ कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट भी शामिल है.

Shubh twitter

नंबर कम होने पर नहीं मिला कमरा

ये डॉक्यूमेंट देख मकान मालिक की तरफ से जो जवाब सामने आया है, उसने सभी को हैरान करके रख दिया हैं. चैट में ब्रोकर द्वारा बताया गया कि मकान मालिक ने उसे अपना घर किराए पर देने से इनकार कर दिया है. अब आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि मकान मालिक ने ऐसा क्यों किया? तो बता दें कि योगेश को 12वीं क्लास में 75% अंक मिले है. ब्रोकर का कहना है कि मकान मालिक कम से कम 90% लाने वालो को ही मकान किराये पर देता है.

Shubh twitter

यानी की 12वीं क्लास में नंबर कम होने के कारण योगेश को यह मकान किराये पर नहीं मिल सका. इस व्हाट्सएप चैट को ट्विटर पर शेयर करते हुए शुभ ने लिखा, "नंबर आपका भविष्य तय नहीं करते हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से तय करते हैं कि आपको बंगलौर में फ्लैट मिलेगा या नहीं". फिलहाल ये ट्विट सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा हैं.

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