IAS Officer Suhas LY: रजत पदक विजेता सुहास बोले- खेल हमेशा से पढ़ाई के साथ मेरे जीवन का हिस्सा रहा

IAS Officer Suhas LY

नई दिल्ली। पैरालंपिक रजत पदक विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी और IAS Officer Suhas LY नोएडा के जिलाधिकारी सुहास यथिराज का कहना है कि यह गलतफहमी है कि खेल और पढ़ाई साथ में नहीं हो सकती। अड़तीस साल के सुहास के एक पैर के टखने में जन्मजात विकार है। 2016 में इस खेल में आने के बाद उन्होंने हाल में टोक्यो पैरालंपिक में पदार्पण करते हुए रजत पदक हासिल किया।

अपनी इस उपलब्धि के लिये उन्होंने अपने दिवंगत पिता की प्रेरणादायी भूमिका को श्रेय दिया। इस नौकरशाह ने यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद कारपोरेट नौकरी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि वह नौकरी और अपने जुनून के बीच सही संतुलन बनाने के आदी हैं। IAS Officer Suhas LY उन्होंने कहा, ‘‘बचपन से ही मैं दो घंटे खेलता था, खेल हमेशा से पढ़ाई के साथ मेरे जीवन का हिस्सा रहा है। समाज में गलतफहमी ही है कि खेल और पढ़ाई साथ में नहीं हो सकती। ’’

कर्नाटक के हसन में जन्में सुहास ने कहा, ‘‘मैं माता पिता और समाज को बताना चाहूंगा कि यह तर्क भूल जाइये। आपका बच्चा दोनों में अच्छा कर सकता। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘2016 में मैंने अपना पहला पेशेवर टूर्नामेंट खेला था जो बीजिंग में एशियाई चैम्पियनशिप थी जिसमें IAS Officer Suhas LY मुझे स्वर्ण पदक मिला था। मुझे लगता है कि वह पेशेवर बैडमिंटन के हिसाब से मेरे लिये टर्निंग प्वाइंट था। ’’

आजमगढ़, प्रयागराज और हाथरथ के जिलाधिकारी रह चुके सुहास IAS Officer Suhas LY ने अपने दिवंगत पिता यथिराज एल के को अपनी सफलता का श्रेय दिया और कहा कि उन्हें खेलते हुए देखकर ही वह बैडमिंटन खेलने के लिये प्रेरित हुए। उनके पिता भी एक सरकारी अधिकारी थे।

सुहास ने कहा, ‘‘मेरा विकार जन्मजात है। जब मैं बच्चा था तो इसे ठीक करने के लिये मेरी सर्जरी भी हुई थी। बचपन में हम अच्छा या बुरा समझने के लिये परिपक्व नहीं होते। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये जब लोग बात करते तो आप बहुत संवेदनशील होते हो, आपको खुद पर भरोसा नहीं IAS Officer Suhas LY होता कि आप जिंदगी में क्या हासिल कर सकते हो। लेकिन यहीं मेरे पिता की भूमिका अहम रही, उन्होंने मुझमें इतना आत्मविश्वास भर दिया कि मैं क्या नहीं कर सकता। इसलिये बचपन से ही मैं सक्षम खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता था। ’’

उन्होंने कहा कि बचपन से ही वह बैडमिंटन खेलना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण भारत में बॉल बैडमिंटन खेला जाता है, मेरे पिता भी यही खेलते थे और मैं इससे आकर्षित होता था। ’’ इंजीनियरिंग कर चुके सुहास ने पैरालंपिक पदक जीतने वाला पहला IAS Officer Suhas LY आईएएस अधिकारी बनकर इतिहास रचा। उन्हें 30 मार्च 2020 को गौतम बुद्ध नगर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया और उन्होंने कोविड-19 महामारी प्रबंधन में काफी अहम भूमिका निभायी।

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