कामयाबी की एक अनोखी कहानी: IAS अफसर और ड्राइवर की बेटी एक साथ बनीं जज, बेटियों ने बताया कैसे पाई सफलता

IAS and Driver Daughter Become Judge:कामयाबी की एक अनोखी कहानी: IAS अफसर और ड्राइवर की बेटी एक साथ बनीं जज, बेटियों ने बताया कैसे पाई सफलता

IAS and Driver Daughter Become Judge

IAS and Driver Daughter Become Judge

IAS and Driver Daughter Become Judge: हाल ही में हरियाणा ज्युडिशियल सर्विसेज एग्जाम का रिजल्ट जारी हुआ है. वैसे तो इस परीक्षा में कई अस्पिरैंट को सफलता मिली. लेकिन इस रिजल्ट के घोषित होने के बाद कामयाबी एक ऐसी कहानी सामनें आई है.

जिसे सुनकर आप भी पूरी तरह से मोटीवेट हो जाएंगे. दरअसल हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर (एचएसएएम) बोर्ड ऑफ़ चीफ एडमिनिस्ट्रेटर मुकेश कुमार आहूजा और उनके ड्राइवर होशियार सिंह दोनों ही पिताओं को जीवन की सबसे बड़ी खुशखबरी खुशी मिली है.

हरियाणा ज्युडिशियल सर्विसेज एग्जाम में एचएसएएम में बोर्ड ऑफ़ चीफ एडमिनिस्ट्रेटर मुकेश कुमार आहूजा की बेटी और उनके ड्राइवर होशियार सिंह की बेटी ने इस एग्जाम को अच्छी रैंक से पास किया है.

दोनों की बेटियां बनी जज 

हरियाणा ज्युडिशियल सर्विसेज एग्जाम में मुकेश कुमार आहूजा की बेटी पारस ने 12वीं रैंक और उनके ड्राइवर होशियार सिंह बेटी समीक्षा ने एससी वर्ग में दूसरी रैंक हासिल की है.

रिजल्ट सामनें आने के बाद मुकेश आहूजा की बेटी पारस ने कहा कि जब मुझे समीक्षा के जज बनने की बात पता चली तो मुझे खुद से ज्यादा उसके जज बनने की खुशी हुई है. में प्रिविलेज्ड परिवार से हूँ, बचपन से माहौल भी वैसा ही देखा है, पर समीक्षा ने कम सुविधाएं में भी हार्ड वर्क किया है. उसके पैरेंट्स ने सपोर्ट किया, यह बहुत अच्छी बात है.

वहीं मुकेश कुमार आहूजा के ड्राईवर की बेटी ने कहा कि" पिता चाहते थे कि में अफसर बनूं, मेरे पिता 2007 से अफसरों के साथ पोस्टेड हैं. जानते थे कि उनकी जिंदगी कैसी होती है. इसलिए वे हमेशा यही चाहते थे कि 'मेरी बेटी भी अफसर बने.' मैं छोटी उम्र में जब किताबों में लॉयर्स की फोटो देखती तो मोटिवेट होती थी. तभी सोच लिया था कि ज्यूडिशियल सर्विसेस में जाऊंगी.

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सब के बच्चे बराबर हैं-मुकेश कुमार आहूजा 

हरियाणा ज्युडिशियल सर्विसेज एग्जाम का रिजल्ट आने के बाद ख़ुशी जताते हुए कहा कि "बच्चे तो सभी के बराबर होते हैं, जिस समय मुझे पता चला कि होशियार सिंह की बेटी भी परीक्षा की तैयारी कर रही है तो दोनों को मिलाया था.

बच्चे सभी के बराबर होते हैं, मुझे खुशी है, दोनों सफल हो गई." वहीं समीक्षा के पिता होशियार सिंह ने कहा कि "मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा, अपने सपनों में भी नहीं। मैं स्कूल खत्म करने के बाद ड्राइवर बन गया, लेकिन मेरी बेटी जज बनने जा रही है! मुझे उस पर बहुत गर्व है.

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