IAS नियाज खान ने The Kashmir Files पर दिया बड़ा बयान, तो रामेश्वर ने पूछा — 'देश में कहां मारे जा रहे मुसलमान'..?

IAS नियाज खान ने The Kashmir Files पर दिया बड़ा बयान, तो रामेश्वर ने पूछा — 'देश में कहां मारे जा रहे मुसलमान'..? IAS Niaz Khan made a big statement on The Kashmir Files, then Rameshwar asked – 'Where are the Muslims being killed in the country'..?

IAS नियाज खान ने The Kashmir Files पर दिया बड़ा बयान, तो रामेश्वर ने पूछा — 'देश में कहां मारे जा रहे मुसलमान'..?

भोपाल। द कश्मीर फाइल्स ( The Kashmir Files ) पर लगातार ही विवाद चल रहा है। इस फिल्म पर बॉलीवुड से लेकर राजनेताओं समेत प्रधानमंत्री मोदी तक का बयान सामने आया है। वहीं अब द कश्मीर फाइल्स को लेकर आईएएस अधिकारी नियाज खान ( IAS Niyaz Khan ) ने भी बड़ा बयान दिया है। वैसे उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

नियाज खान ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, 'निर्माता देश के कई राज्यों में हुई मुसलमानों की हत्याओं पर भी फिल्म बनाएं, मुसलमान कीड़े नहीं बल्कि इंसान हैं।'

एमपी में पदस्थ इस आईएएस अधिकारी ने कई ट्वीट किए। नियाज खान ने सबसे पहले पहले ट्वीट में लिखा कि, 'अलग-अलग मौकों पर मुसलमानों के नरसंहार को दिखाने के लिए एक किताब लिखने की सोच रहा हूं, ताकि निर्माता कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्म बना सकें। अल्पसंख्यकों के दर्द और पीड़ा को देशवासियों के सामने लाया जा सके।'

वहीं एक और ट्वीट में नियाज ने लिखा कि, 'कश्मीर फाइल्स ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरा सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माता को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं और देश के नागरिक हैं।'

लेखक भी हैं नियाज खान

नियाज खान एमपी कैडर से आते है। जो वर्तमान में लोक निर्माण विभाग में उप सचिव के पद पर हैं। इसके साथही नियाज खान एक कुशल लेखक भी हैं वे कई सारी किताबें भी लिख चुके हैं।

रामेश्वर ने किया पलटवार

नियाज खाने के इस ट्वीट पर भोपाल के हुजूर से विधायक और भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता रामेश्वर शर्मा ने ​पलटवार करते हुए ट्वीट किया है कि, 'मैं मध्यप्रदेश सरकार से भी आग्रह करता हूँ की इनके कथन पर स्पष्टीकरण लिया जाए और पूछा जाए की देश में ऐसा कौन सा प्रांत है जहाँ मुसलमानो को मारा जा रहा है।'

वहीं एक अन्य ट्वीट में रामेश्वर ने लिखा कि, 'भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सिर्फ़ एक वर्ग के प्रति आपकी चिंता व्यक्त करना कहीं न कहीं संघ लोक सेवा आयोग के आचरण नियमो के विपरीत है फिर भी आपको किसी वर्ग का रहनुमा बनने का शौक़ है तो #IAS की नौकरी छोड़ कर मैदान में आइए।'

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