पति प्रेग्नेंसी में करता था अननेचुरल सेक्स, पोर्न वीडियो देख करता था जबरदस्ती, कोर्ट ने सुनाई सजा

इंदौर। इंदौर की रहने वाली एक महिला के साथ उसका पति उसके साथ टैबू सेक्स करता था। गोवा में रहने वाला महिला का पति पोर्न वीडियो देखने का आदि था, और यह वीडियो देखने के बाद वह महिला के साथ अननेचुरल सेक्स करता था। महिला के मना करने पर भी पति जबरदस्ती उसके साथ आप्राकृतिक संबंध बनाता था। इसी बीच महिला गर्भवती हो गई उसके बाद भी पति ने उसके साथ टैबू सेक्स करना बंद नहीं किया। जिसके बाद महिला को मिसकैरेज हो गया। कमजोरी आ जाने की वजह से डॉक्टर ने महिला को बेडरेस्ट की सलाह दी, लेकिन पति इसके बाद भी नहीं माना। इसके साथ ही ससुराल वालों ने भी महिला का साथ नहीं दिया, उल्टा महिला की सास और देवर ने लगभग डेढ़ लाख रूपए महिला से ले लिए। इस सब प्रताड़ना के बाद महिला ने कोर्ट में गुहार लगाई और दो साल तक चली सुनवाइ्र्र के बाद कोर्ट ने बुधवार को महिला के पति पर एक लाख रूपए का जुर्माना लगाया है। और हर महिने गुजारा भत्ता देने के लिए भी आदेशित किया है।

ससुराल वालों पर हुआ केस दर्ज

पीड़ित म​हिला ने परेशान होकर हीरा नगर थाने में पति सहित देवर और सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घरेलू हिंसा का यह केस जिला कोर्ट इंदौर में 19 दिसंबर 2019 को पेश किया गया। इसमें महिला द्वारा पति के जबरदस्ती लगातार टैबू सेक्स करने व घरेलू हिंसा से हिफाजत करने की मांग की गई थी। जिसके बाद कोर्ट ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी से इस पूरे मामले की जांच कराई। जांच के बाद महिला के आरोपों की पुष्टि हुई। जिसके बाद कोर्ट ने ससुराल वालों पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए।

हर महीने दिया जाएगा भरण—पोषण

पीड़ित महिला ने वकीलों की सहायता से कोर्ट में गुहार लगाई थी। तकरीबन 2 साल से ज्यादा समय तक चले इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी स्वाति कौशल ने पति से 1 एक लाख रुपए महिला को दिलवाने के आदेश दिए है। साथ ही केस पेश करने की तारीख से पीड़ित महिला 5 हजार रूपए हर महिने के मान से भरण पोषण के एक लाख तीस हजार रुपए भी पति से दिलवाने के लिए आदेशित किया है।

भारत में प्रतिबंधित है टैबू सेक्स

टैबू सेक्स पर भारत में प्रतिबंध लगा हुआ है। यह हिंसात्मक सेक्स की श्रेणी में आता है। इसमें साथी के साथ जबरदस्ती या अप्राकृतिक सेक्स करने के लिए प्रेशर बनाते हैं। अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे के मुताबिक ऐसे मामलों में घरेलू हिंसा से महिलाओं को संरक्षण अधिनियम की धारा 12 के तहत केस दर्ज किया जाता है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password