फोन की स्क्रीन क्रैक होते ही अब अपने आप ठीक हो जाएगी, वैज्ञानिकों ने बनाया खास पदार्थ

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नई दिल्ली। आज के समय में देश में स्मार्ट फोन यूजर्स की संख्या 50 करोड़ से भी अधिक है। रोजाना स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में कंपनियां दिन प्रतिदिन स्मार्ट फोन को और स्मार्ट करती जा रही हैं। इनमें समय-समय पर न केवल सॉफ्टवेयर फीचर अपडेट होते हैं बल्कि हार्डवेयर भी इसी तरह से अपडेट होते रहते हैं। इसी कड़ी में अब एक और हार्डवेयर फीचर अपडेट हुआ है। यानी अब मोबाइल फोन की स्क्रीन क्रैक होते ही कुछ ही सेकेंड में अपने आप ठीक हो जाएगी।

दैनिक जीवन में स्क्रीन क्रैक की समस्या से हम जुझते रहते हैं

दरअसल, वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पदार्थ खोज निकाला है जिसस फोन की क्रैक स्क्रीन बस कुछ ही सेकेंड में ठीक हो जाएगी। हम और आप अपने दैनिक जीवन में स्क्रीन क्रैक होने की समस्या से जुझते रहते हैं। हम स्क्रीन क्रैक से बचने के लिए स्क्रीन गार्ड, मोबाईल कवर आदि का सहारा लते हैं। इतना ही नहीं हम इस बात का भी खास ख्याल रखते हैं कि कही गलती से भी मोबाइल ना गिर जाए। अगर मोबाइल गिर गया तो फिर उसे बनवाने के लिए हमें दुकान के चक्कर काटने पड़ते हैं।

भारतीय शोधकर्ताओं ने इसे तैयार किया है

इस समस्या से बचने के लिए अब कोलकाता के भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक हल निकाला है। उन्होंने एक ऐसा पदार्थ तैयार किया है जो पारदर्शी होने के साथ-साथ काफी मजबूत है। इतना ही नहीं क्रैक होने की स्थिति में वो खुद ब खुद ठीक भी हो जाता है।

वैज्ञानिक दशकों से इसे विकसित करने में जुटे थे

बतादें कि, वैज्ञानिक दशकों से इस तरह का पदार्थ विकसित करने का प्रयास कर रहे थे जो खुद ब खुद ठीक हो जाए और पारदर्शी हो। लेकिन पहले जितने भी सेल्फ हीलिंग पदार्थ तैयार किए गए थे वो नर्म और अपारदर्शी थे। ऐसे में स्मार्ट फोन स्क्रीन जैसे उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं थे। लेकिन अब ISER के शोधकर्ताओं ने IIT खड़गपुर के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर एक ऐसा पदार्थ विकसित किया है जो पारदर्शी है और खुद ब खुद ठीक हो जाता है।

इस तरह काम करता है

साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, शोधकर्ताओं ने इसे बनाने के लिए पाइजोइलेक्ट्रिक जैविक पदार्थ का उपयोग किया जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में और विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदल देता है। इससे सुई के आकार के क्रिस्टल होते हैं तो वो 2 मिलीमीटर लंबाई और 0.2 मिलीमीटर चौड़ाई से बड़े नहीं होते हैं। विशेष रूप से डिजाइन किए क्रिस्टल में परमाणुओं के क्रम के कारण दो सतहों के बीच एक तीव्र आकर्षण बल लगता है। ऐसे में जब भी सतह पर कोई टूटन, जैसे की स्क्रीन में क्रैक होना , होती है। आकर्षण बल के कारण टुकडे वापस पुरानी स्थिति में आ जाते हैं।

इसे जल्द ही उपयोग में लाया जा सकता है

भारतीय वैज्ञानिकों का कहना है कि उनका पदार्थ दूसरे पदार्थों की तुलना में 10 गुना अधिक ठोस है और अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उपयोगों के लिए उपयुक्त है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इसे जल्द ही स्मार्ट फोन के उपयोग में लाया जा सकता है।

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