Car Airbag : आखिर एयरबैग को कैसे पता चलता है कि गाड़ी का हुआ है एक्सीडेंट?

Car Airbag : आखिर एयरबैग को कैसे पता चलता है कि गाड़ी का हुआ है एक्सीडेंट?

Car Airbag : देशभर में हो रही वाहन दुर्घटनाओं को लेकर राज्य सरकारों से लेकर केंन्द्र सरकार चिंतित है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने चार पहिया वाहनों में एयरबैग अनिवार्य कर दिया है। सरकार द्वारा 8-सीटर व्हीकल्स में 1 अक्टूबर 2022 से 6 एयरबैग अनिवार्य करने के नियम को एक साल बाद लागू किया जा सकता है। एयरबैग के अनिवार्य होने के नियम की खबरों के साथ ही कई लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते है। जैसे कि एयरबेग क्या होता है, इसे लगवाने में कितना खर्चा आएगा, क्या पुरानी गाड़ियों में एयरबैग लगेगा। ऐसे कई सवाल है जो लोग जानना चाहते है।

क्या होता है एयरबैग?

एयरबैग कॉटन से बनाया जाता है जिसपर सिलिकॉन की कोटिंग की जाती है। एयरबैग में सोडियम एजाइड गैस भरी होती है। एयरबैग गाड़ी में आगे की ओर डेशबोर्ड में लगा होता है। जैसे ही कार तेजी से किसी से टकराती है तो एयरबैग खुलकर यात्री के पास एक गुब्बारा से बना लेते हैं। इससे एक्सीडेंट होने पर यात्री को कोई नुकसान नहीं होता है और वो एयरबैग की वजह से सीट पर सेफ बच जाता है। माना जाता है कि तेज भिड़ंत में एयरबैग यात्री को होने वाले नुकसान को काफी कम कर देता है और मौत होने की संभावना को काफी कम कर देता है।

कैसे काम करता है एयरबैग?

अब सवाल है कि आखिर एयरबैग में ऐसा क्या होता है कि वो कार के भिड़ते ही खुल जाता है। बता दें कि एयरबैग का पूरा एक सिस्टम होता है, जिसमें कुछ सेंसर भी शामिल होते हैं। ये सेंसर कार के बोनट के पास लगे होते हैं और जैसे ही एक्सीडेंट होता है तो वो सेंसर एयरबैग को एक्टिव कर देते हैं। इसके बाद एयरबैग बाहर आ जाते हैं और फुल जाते हैं। ये काम काफी तेजी से होता है। माना जाता है कि एयरबैग की स्पीड 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है।

कैसे फूलता है एयरबैग?

एयरबैग के पीछे एक सोडियम एजाइड गैस का सिलेंडर होता है। ये सॉलिड कैमिकल के फॉर्म में होता है और इसकी खास बात ये है कि अगर इसको तेज गर्म किया जाए तो यह तुरंत गैस में बदल जाती है। हल्की सा सोडियम एजाइड गैसा नाइट्रोजन कैस बना देता है। सेंसर से गैस सिलेंडर तक तार जुड़े होते हैं और जब कार का एक्सीडेंट होता है तो वो सिलेंडर तक इलेक्ट्रिक करंट सप्लाई करते हैं और इससे सॉलिड कैमिकल गैस बन जाता है और एयरबैग फूल जाते हैं। खास बात ये है कि इस पूरे प्रोसेस में कुछ माइक्रोसेकेंड लगते हैं, इस वजह से इसे काम में लिया जाता है।

कहां लगा होता है एयरबैग

एयरबैग हर यात्री के बैठने के स्थान के हिसाब से लगाए जाते हैं। जो ड्राइवर सीट होती है, उसका एयरबैग स्टेयरिंग में होता है और एक्सीडेंट के समय ये फुल जाता है और यात्री का सिर स्टेयरिंग या कांच से भिड़ने से बच जाता है। वहीं, इसके पास वाली सीट का एयरबैग आगे डैशबोर्ड पर लगा होता है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password