दिल्ली के होटल-रेस्तरां स्वादिष्ट व्यंजनों, संगीत और सामाजिक दूरी के साथ तैयार -

दिल्ली के होटल-रेस्तरां स्वादिष्ट व्यंजनों, संगीत और सामाजिक दूरी के साथ तैयार

(मणिक गुप्ता)

नयी दिल्ली, 30 दिसंबर (भाषा) एक और दिन बाद यह दुखी करने वाला साल अंतत: बीत जाएगा। मौज मस्ती करने वाले अधिकतर लोग जो (कोविड-19) बंदिशों के कारण घर में ही उत्सव मनाने को मजबूर हैं, संगीत, नृत्य व स्वादिष्ट व्यंजनों की प्लेट के साथ ‘ अच्छा हुआ 2020 से मुक्ति मिली’, और नमस्कार 2021 कहने की योजना बना रहे है।

इस ‘ भूलने वाले साल’ की आखिरी रात को खुशनुमा बनाने के लिए बड़े-छोटे रेस्तरां एवं होटल पूरी शिद्दत से तैयारी कर रहे हैं।

नए साल की पूर्व संध्या पर कोविड-19 के दुस्वप्नों को भुलाने के वादे के साथ रेस्तरां होटल शानदार भोजन, शानदार होटल-बिला में रहने का पैकेज, लाइव बैंड, डीजे और समारोह की पेशकश कर रहे हैं लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा, सामाजिक दूरी के मामले में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।

कैफे और बार की श्रृंखला चलाने वाली कंपनी ‘सोशल’ इस बार दिल्ली-एनसीआर के अपने चार आउटलेट पर न्यू ईयर-2021 : पार्टी यू डिजर्व’ की मेजबानी कर रही है। इस मौके पर स्वादिष्ट भोजन की श्रृंखला ‘ए जॉली गुड मेन्यू’ के नाम से परोसी जाएगी जिसमें पूरे देश का स्वाद चखने को मिलेगा। इसमें तीखे में लखनवी चिकन बिरयानी, पहाड़गंज की शकरकंदी चाट, लेबनानी टिक्का, गोश्त के साथ श्रीमाल। इसके साथ् मेन्यू में कई तरह के कॉकटेल हैं।

एशियाई थीम के बार और रात्रिभोज वाले ‘आरवाईयू’ और ‘आर्डोर 2.1’ भी पीछे नहीं है और उन्होंने इस खास मौके के लिए विशेष तैयारी की है।

आरवाईयू डीजे नाइट का आयोजन कर रहा है इसके साथ ही खाने और पीने के विशेष पैकेज शामिल है जिनमें एक में आयातित और भारत में निर्मित विदेशी शराब की जितनी मर्जी उतनी पीने की छूट शामिल है। आर्डोर 2.1 यूरोपीय, चीनी, कॉन्टिनेंटल और भारतीय व्यंजनों को परोसने के साथ डीजे मिराज और डीजे शब्ज में मुकाबले का आयोजन करेगा।

हालांकि, एक सार्वजनिक ऐप जिसके भारत में 78.82 उपयोगकर्ता हैं और दिल्ली में करीब एक लाख उपयोगकर्ता हैं, के सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है कि दिल्लीवाले घर में ही नए साल का जश्न मनाने को तरजीह दे रहे हैं।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान ने नए साल के उत्सव के मद्देनजर पाबंदियों को बहाल किया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश

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