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नई दिल्ली। संक्रमण के दूसरे लहर को देखते हुए सरकार ने एक नई गाइडलाइन जारी की है। जिसमें साफतौर पर कहा गया है कि अब अलग कमरा और शौचालय नहीं होने पर होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं दी जाएगी। चाहे मरीज में मामूली लक्षण ही क्यों ना हो। घर में अलग कमरा और शौचालय होना जरूरी है।
ऐसे मरीजों को एल-1 कोविड अस्पताल में रखा जाएगा
मालूम हो कि जिनके घर में अलग कमरा और शौचालय नहीं है ऐसे मरीजों को एल-1 कोविड अस्पताल में रखा जाएगा। साथ ही जो मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं उन्हें दिन में तीन बार शरीर का तापमान, श्वसन दर, ऑक्सीजन सेचुरेशन चेक करना होगा। साथ ही जो लोग होम आइसोलेशन में हैं उन्हें प्रारंभिक जांच के दसवें दिन या भर्ती होने के सातवें दिन बिना जांच के डिस्चार्ज किया जाएगा। इसके अलावा अलग से रोगी को घर में होम आइसोलेशन में सात दिन रहना होगा।
अब एक साथ हो सकते हैं आइसोलेट
बतादें कि कोरोना संक्रमित मरीज को पहले अकेले में आइसोलेट किया जाता था। मगर अब किसी परिवार में एक से ज्यादा मरीज हैं तो वे एक ही जगह पर रह सकते हैं। एक शौचालय का प्रयोग भी कर सकते हैं। वहीं जो लोग होम आइसोलेशन में हैं, उनसे दस दिन तक इंट्रीग्रेटेड कोविड एंड कंट्रोल सेंटर संपर्क में रहेगा।
इन मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा
एल-1 कोविड अस्पताल के अलावा जिन संक्रमित मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सीने में जकडन और दर्द है। उन्हें एल-2 और एल-3 कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। वहीं अगर जांच के बाद ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होगी तो उन्हें होम आइसोलेशन में भेज दिया जाएगा। जो गंभीर मरीज होंगे उन्हें एल-3 अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। साथ ही जो मरीज पहले से बीमार हैं उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
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