MP High Court: इंदौर बेलेश्वर महादेव मंदिर के बावड़ी हादसे वाले मामले में ये दोषी

MP High Court: इंदौर बेलेश्वर महादेव मंदिर हादसे में हाई कोर्ट का फैसला, नगर निगम के अधिकारी, मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष दोषी करार

MP High Court: इंदौर बेलेश्वर महादेव मंदिर के बावड़ी हादसे वाले मामले में ये दोषी

इंदौर। MP High Court इंदौर के बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी में हुए सबसे चर्चित हादसे को लेकर हाई कोर्ट का फैसला आया है। मालूम हो कि इंदौर के इस मंदिर में रामनवमी पर्व के मौके पर 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

इस मामले में (MP High Court) कोर्ट ने नगर निगम इंदौर के जल विभाग के अधिकारी व मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष समेत अन्य को दोषी माना है।

बता दें कि इंदौर में 30 मार्च 2023 को रामनवमी पर हुए बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे में 36 मौतें हुई थीं। इसको लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर ने फैसला दे दिया है।

पुलिस ने पेश नहीं किया चालान

बता दें कि (MP High Court) हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर का यह फैसला उक्त घटना के बाद लगाई गई जनहित याचिका पर आया है। इस मामले में जिला कोर्ट में क्रिमिनल केस अलग चलता रहेगा। पुलिस ने क्रिमिनल मामले में अभी चालान पेश नहीं किया है।

इसके अलावा न ही किसी को गिरफ्तार किया है। धारा-41 का नोटिस तक नहीं दिया गया। (MP High Court) हाईकोर्ट ने इसी को देखते हुए पुलिस को शेष कार्यवाही जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

विभागीय कार्रवाई भी नहीं...

न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति अनिल वर्मा की डबल बेंच ने कहा, मजिस्ट्रियल जांच 11 जुलाई 2023 को पूरी हो जाने के बाद भी पेश नहीं की गई और न ही इसे सार्वजनिक किया गया।

इसके अलावा और न ही किसी पर कोई विभागीय कार्रवाई की गई। इंदौर (MP High Court) हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट देरी से पेश करने को दुर्भाग्यपूर्ण कहा है।

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यह दिया आदेश...

(MP High Court) हाईकोर्ट ने इंदौर नगर निगम और पुलिस थाना जूनी इंदौर को डिप्टी पुलिस कमिश्नर जूनी इंदौर जोन की मॉनिटरिंग में जांच को 30 मार्च 2024 से पहले सभी कार्यवाही पूरी करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा, पीड़ित पक्ष खुद उचित फोरम में मुआवजे की मांग कर सकते हैं।

फटकार के बाद पेश की थी रिपोर्ट

घटना के करीब 9 माह बाद (MP High Court) कोर्ट के निर्देश पर मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट पेश की गई।

जिसमें निगम अधिकारियों में भवन निरीक्षक प्रभात तिवारी, भवन अधिकारी पीआर आरोलिया, जोनल अधिकारी अतीक खान, जल यंत्रालय विभाग के अधिकारी जोन-18 के योगेश जोशी को दोषी माना है।

इसके साथ ही मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और मुरली सबनानी को भी दोषी माना गया है। बता दें कि हादसे के 5 महीने बाद ही भवन निरीक्षक प्रभात तिवारी को बहाल कर दिया था।

इसी रिपोर्ट पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन ने इस रिपोर्ट को पेश किया था।

उस दिन क्या हुआ था...

धंस गई थी बावड़ी

बता दें कि 30 मार्च 2023 को रामनवमी पर्व उत्साह से मनाया जा रहा था। इसी दिन इंदौर के स्नेह नगर बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे।

इस दौरान बावड़ी धंसने से 36 लोगों की मौत हो गई थी। मंदिर प्रबंधन ने इस बावड़ी का भराव किए बगैर ही ऊपर से गर्डर और फर्शियां डाल दी थीं।

हादसे के बाद नगर निगम अधिकारियों ने पीआर आरोलिया और प्रभात तिवारी को निलंबित कर दिया था।

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जनहित याचिका की गई दायर

निगम अफसरों के अलावा मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और मुरली सबनानी पर जूनी इंदौर थाने में धारा 304-ए व 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया। हालांकि इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई।

हादसे की (MP High Court) मजिस्ट्रियल जांच के आदेश हुए। पुलिस, प्रशासन के कोई रुचि नहीं दिखाने पर इसके खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।

दो जनहित याचिका...

बता दें कि पूर्व पार्षद महेश गर्ग, कांग्रेस नेता प्रमोद द्विवेदी ने अधिवक्ता मनीष यादव और अदिति मनीष यादव के माध्यम से दो अलग-अलग जनहित याचिका दायर कर (MP High Court) उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

उक्त घटना में मृतकों के परिवार को 25 लाख का मुआवजा, शहर की विभिन्न बावड़ियों और कुओं से तत्काल कब्जे हटाने मामले की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में गठित कमेटी से कराए जाने की मांग की गई थी।

कोर्ट ने दिए निर्देश...

बता दें कि मनीष यादव के द्वारा कुएं-बावड़ियों को बंद करने को गलत बताने और उन्हें पुनर्जीवित करने के तर्क को भी (MP High Court) कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इंदौर नगर निगम को आदेश दिया है कि शहर के कुएं-बावड़ियां ऐतिहासिक महत्व और सम्मान का विषय है। इन्हें पुनर्जीवित करना और इनका व्यापक रखरखाव जरूरी है। कुएं-बावड़ियों की सफाई और मेंटेनेंस का ध्यान रखते हुए इन्हें पुनर्जीवित किया जाए।

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