MP News: गैस त्रासदी मामले में अवमानना के दोषी अफसरों पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

MP News: गैस त्रासदी मामले में अवमानना के दोषी अफसरों पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, पढ़े पूरी खबर

MP News: गैस त्रासदी मामले में अवमानना के दोषी अफसरों पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

हाइलाइट्स

  • ऑर्डर रि-कॉल के आवेदन पर सुनवाई पूरी
  • सरकार ने कोर्ट में दिया था आवेदन
  • साल 2015 में तीन अफसरों को ठहराया गया था दोषी

जबलपुर। MP News: भोपाल गैस त्रासदी मामले से संबंधी अवमानना याचिका में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के एसीएस मोहम्मद सुलेमान सहित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अमर कुमार सिन्हा और विजय कुमार विश्वकर्मा को अवमानना का दोषी करार दिया था।

सरकार की ओर कोर्ट में आदेश वापस लेने के लिए एक आवेदन दिया था। इस आवेदन पर कोर्ट ने सुनवाई कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

    कोर्ट साल 2012 में दिए थे निर्देश

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने साल 2012 में भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन सहित अन्य की ओर से दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए भोपाल गैस पीडि़तों के उपचार व पुनर्वास के संबंध में 20 निर्देश जारी किये थे।

    मॉनिटरिंग कमेटी की थी गठित

इन बिंदुओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर मॉनिटरिंग कमेटी का गठित करने के निर्देश भी जारी किये थे। मॉनिटरिंग कमेटी प्रत्येक तीन माह में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने और रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट ने केन्द्र एवं राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश भी जारी किये गये थे।

    मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देशों का नहीं हुआ पालन

भोपाल गैस पीड़ितों की याचिका पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा था। लेकिन याचिका लंबित रहने के मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद राज्य के एसीएस मोहम्मद सुलेमान सहित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अमर कुमार सिन्हा और विजय कुमार विश्वकर्मा के खिलाफ साल 2015 में अवमानना याचिका लगाई गई।

    तीन अफसरों पर चला था अवमानना का केस

कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए तीनों अधिकारियों के अवमानना का दोषी ठहराया था। सरकार की ओर से यह आदेश वापस लेने का आग्रह किया गया था। इसके लिए सरकार ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा था आदेश कापालन करने पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।

साथ ही मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसा के पालन के लिए कार्यक्रम निर्धारित किया जा सकता है। मॉनिटरिंग कमेटी इस संबंध में संबंधित विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित कर सकती है।

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