Chandigarh Mayor Election Controversy: सुप्रीम कोर्ट में आज दोबारा हुई सुनवाई, कोर्ट ने कहा- सभी बैलट गिनें, उनके आधार पर मेयर चुना जाए

Chandigarh Mayor Election Controversy: चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को फिर सुनवाई होगी।

Chandigarh Mayor Election Controversy: सुप्रीम कोर्ट में आज दोबारा हुई सुनवाई,  कोर्ट ने कहा- सभी बैलट गिनें, उनके आधार पर मेयर चुना जाए

हाइलाइट्स

  • विवाद पर आज फिर SC में सुनवाई
  • कठघरे में रिटर्निंग अफसर 
  • मसीह को हाजिर रहने के आदेश

Chandigarh Mayor Election Controversy:चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (20 फरवरी) को सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह के खराब किए बैलट पेपर वैध माने जाएंगे। कोर्ट ने ये भी कहा कि वोटों की गिनती दोबारा हो और नया मेयर चुना जाए।

मामले की सुनवाई CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच कर रही है।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को फिर सुनवाई होगी। एक दिन पहले सोमवार को कोर्ट ने मेयर चुनाव के सभी बैलेट पेपर और वीडियो को दिल्ली तलब किया। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि वे खुद उन बैलेट पेपर की जांच करेंगे, जिनमें छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है।

   'लोकतंत्र की हत्या हुई है'

पिछली सुनवाई में मेयर चुनाव की प्रक्रिया पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने प्रशासन और रिटर्निंग अफसर अनिल मसीह को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि ये लोकतंत्र का मजाक है।  इस चुनाव में रिटर्निंग अफसर की हरकत के वीडियो देखकर तो साफ है कि लोकतंत्र की हत्या हुई है।

ये रिटर्निंग ऑफिसर क्या कर रहा है? हम नही चाहते कि देश में लोकतंत्र की हत्या हो। हम ऐसा नहीं होने देंगे।ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट आंखें बंद कर नहीं बैठा रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के दौरान मतदान और मतगणना के समय का वीडियो देखकर की थी।

   सुप्रीम कोर्ट ने मंगाई पूरी वीडियो

कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आदेश दिया कि वह उनके पास सुरक्षित रखी गई चुनाव से संबंधी सामग्री और रिकॉर्ड में से बैलेट पेपर्स और मतगणना के दिन की पूरी वीडियो रिकार्डिंग सुप्रीम कोर्ट भेजें। कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को आदेश दिया कि वह रिकार्ड और वीडियो रिकार्डिंग पेशी के लिए आने के दौरान उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करे।

   चुनाव दोबारा हुए तो बदल जाएंगे समीकरण

AAP के 3 पार्षदों के भाजपा में जाने के बाद नगर निगम में पूरी तरह समीकरण बदल जाएंगे। यहां BJP के 14 पार्षद हैं, साथ ही यहां चंडीगढ़ सांसद का भी वोट मान्य होता है। किरण खेर भाजपा से सांसद हैं तो भाजपा के 15 वोट हो जाएंगे। 3 AAP पार्षदों के BJP जॉइन करने से यह आंकड़ा अब 18 हो गया।

अकाली दल के एक पार्षद का वोट मिला कर ये संख्या 19 हो जाएगी। इसके बाद AAP-कांग्रेस के पास अब 17 ही पार्षद रह गए हैं। ऐसे में अगर सुप्रीम कोर्ट से मेयर चुनाव दोबारा करवाने को लेकर फैसला आता है तो भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ अपना मेयर बना लेगी।

   यह है पूरा मामला

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी को 12 के मुकाबले 16 मतों से हराकर मेयर चुनाव जीत लिया था।

इस चुनाव में पीठासीन अधिकारी ने कांग्रेस और आप के आठ मतों को अवैध ठहरा दिया था।

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