HBD Sharad Kelkar: जानिए कैसे ग्वालियर का एक लड़का मुंबई पहुंचा और अपनी आवाज से बड़े-बड़े तुर्रम खान को भी चित कर दिया

HBD Sharad Kelkar: जानिए कैसे ग्वालियर का एक लड़का मुंबई पहुंचा और अपनी आवाज से बड़े-बड़े तुर्रम खान को भी चित कर दिया HBD Sharad Kelkar: How a boy from Gwalior reached Mumbai and defeated the elder Turram Khan with his voice NKP

HBD Sharad Kelkar: जानिए कैसे ग्वालियर का एक लड़का मुंबई पहुंचा और अपनी आवाज से बड़े-बड़े तुर्रम खान को भी चित कर दिया

ग्वालियर। पहले टीवी और अब फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले शरद केलकर (Sharad Kelkar) आज अपना 45वां बर्थडे मना रहे हैं। शरद केलकर का जन्म मराठी परिवार में 7 अक्टूबर 1976 को ग्वालियर मध्यप्रदेश में हुआ था। शरद एक्टिंग के अलावा अपनी आवाज के लिए भी मशहूर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर शो प्रस्तोता 'पति पत्नी और वो' से की थी। हालांकि, उन्हें छोटे पर्दे पर पहचान कलर्स के शो 'बैरी पिया' के किरदार 'ठाकुर दिग्विजय भदौरिया' से मिली। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज शरद केलकर जिस आवाज के लिए जाने जाते हैं, एक समय ऐसा भी था जब वे ठीक से बोल भी नहीं पाते थे।

शरद तेज बोलते समय हकलाते थे

एक इंटरव्यू में शरद केलकर ने बताया था कि ‘मुझे 2003 में एक शो के लिए साइन किया गया था। एक दो दिन तो सब ठीक रहा लेकिन पांचवें दिन मुझे डेढ़ पेज का डायलॉग मिला। जब डिलीवरी की बारी आई तो मैं तेज बोलते समय हकलाने लगा, एक दो नहीं बल्कि 30 रिटेक दिए। फिर डायरेक्टर ने मुझे बुलाया और परेशानी पूछी, इस तरह शो मेरे हाथ से निकल गया’। उन्हें बचपन से स्पीच डिसऑर्डर की दिक्कत थी। हालांकि शरद ने हार नहीं मानी और आज नतीजा सबके सामने है।

ग्वालियर के रहने वाले हैं शरद केलकर

जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि शरद केलकर मुख्य रूप से ग्वालियर के रहने वाले हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि वे ग्वालियर छोड़कर मुंबई कैसे पहुंचे। इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। बतादें कि शरद केलकर ग्वालियर में एक जिम इंस्ट्रक्टर थे। दिखने में भी वे किसी मॉडल से कम नहीं थे। एक दिन अपने कजिन से मिलने के लिए वे मुंबई आए। कजिन ने उनकी पर्सनैलिटी को देखकर एक रैंप वॉक में हिस्सा लेने का ऑफर दिया। यहीं से उनके मॉडलिंग करियर की शुरुआत हुई। धीरे-धीरे उन्होंने छोटे पर्दे की ओर रुख किया और अब वह बड़े पर्दे पर धूम मचा रहे हैं।

फिल्मी करियर की शुरूआत

शरद केलकर नें अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 2004 में फिल्म 'हलचल' से की थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मे की। साल 2013 में आई फिल्म 'रामलीला' में आलोचकों ने उनके अभिनय की बेहद सराहा। इस फिल्म में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण लीड रोल में थे। रामलीला के बाद उन्होंने ‘बाहुबली’ फिल्म में प्रभास के लिए हिंदी डबिंग कर अपनी आवाज का जादू बिखेर दिया। वहीं एक्टिंग में उनके लिए 'द फैमिली मैन' वेब सीरीज मील का पत्थर साबित हुई। आने वाले समय में उनके पास कई प्रोजेक्ट हैं। जहां दर्शक उनकी एक्टिंग और आवाज का लुत्फ उठा सकते हैं।

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