Hariyali Teej 11 August 2021 : जानिए क्या है 16 श्रृंगार का महत्व, महिलाएं रंगेंगी हरे रंग में

Hariyali Teej

नई दिल्ली। अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु Hariyali Teej के लिए कल महिलाएं हरियाली तीज का व्रत करेंगी। हिन्दु परंपरा में 16 श्रृंगार का क्या म​हत्व है, इसे क्यों किया जाता है। आइए जानते हैं। हरियाली जैसे नाम से ही वर्णित हैं कि हर तरफ हरियाली और खुशनुमा माहौल होता है। महिलाएं हरे कपड़े, हरी चूड़िया पहनकर झूलों का आनंद लेती हैं।

इसलिए मनाते हैं हरियाली तीज

इस बार हरियाली तीज का त्योहार 11 अगस्त बुधवार के दिन मनाया जाएगा. मान्यता है कि माता पार्वती ने शिव को विवाह के लिए तैयार करने के लिए कठोर तप किया था और उनके तप से प्रसन्न होकर शिव जी ने कहा था कि इस दिन जो भी स्त्री पूरी निष्ठा से मेरा व्रत और पूजन करेगी, उसकी हर मनोकामना पूरी होगी, वैवाहिक जीवन सुखमय होगा और अचल सुहाग की प्राप्ति होगी. तभी से ये दिन महिलाओं और कन्याओं के लिए बहुत खास हो गया।

महिलाएं जरूर करें ये काम
हरियाली तीज का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य का दिन माना जाता है। ऐसे में हर महिला को अपने श्रंगार के दौरान इन 5 चीजों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इनके बगैर महिला का श्रंगार अधूरा माना जाता है।

हरे कपड़े करें धारण
हरियाली जैसे नाम से ही वर्णित हैं कि हर तरफ हरियाली और खुशनुमा माहौल होता है। प्रकृति हरियाली के माध्यम से अपना श्रृंगार कर लेती है। हरा रंग आंखों को सुकून देने वाला होता है। महिलाओं को इस दिन हरा रंग पहनना चाहिए। यह काफी शुभ भी माना जाता है।

हरी चूड़ियां
हिंदू मान्यता अनुसार चूड़ियों को सुहागन का मुख्य गहना माना जाता है। हरियाली तीज पर महिलाओं को हरी चूड़ियां धारण करनी चाहिए। हरियाली तीज के दिन हरे रंग की चूड़ियों को वैवाहिक जीवन की खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।

मेहंदी
मेहंदी को 16 श्रंगारों में से एक माना गया है। महिलाओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक भी है। अपने सौभाग्य को जगाने के लिए लिए इस दिन मेहंदी जरूर लगाएं।

बिंदी
16 श्रृंगार में से माथे पर बिंदी का भी अपना अलग महत्व है। बिंदी महिलाओं के सौंदर्य को निखारने का काम करती है, हरियाली तीज पर आप हरी ड्रेस के साथ हरे रंग की बिंदी लगाएं।

सिंदूर
सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। सभी महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना करके लंबी मांग भरती हैं। हरियाली तीज के दिन मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करके अपने मांग में सिंदूर भरें। मातारानी से पति को दीर्घायु देने और अपने जीवन को सुखमय बनाने की प्रार्थना करें।

बिंदी –

बिंदी लगाना सुहागिन महिलाओं के लिए शुभ माना जाता है। सुहागिन महिलाओं को माथे पर बिंदी जरूर लगाना चाहिए।

काजल

महिलाओं को आंखों में काजल जरूर लगाना चाहिए। काजल आंखों की सुंदरता की सुंदरता को बढ़ाने के साथ—साथ उन्हें स्वस्थ्य भी रखता है। ये आंखों की समस्या को दूर करता है। कई लोग नजर से बचने के लिए भी काजल लगाते हैं।

मेंहदी

सावन के पावन महीने में मेंहदी लगाना शुभ होता है। ऐसी मान्यता है कि इसे लगाने से पति की उम्र भी बढ़ती है। इसे सुहाग की निशानी भी मानते हैं।

चूड़िया

मान्यता है कि सावन में हरे रंग के कपड़े, चूड़िया पहनना शुभ होता है। सावन में सुहागिन महिलाओं को हरी चूड़िया पहनना चाहिए। हाथों के श्रृगांर के लिए चूड़िया पहनी जाती है।

मंगल सूत्र

सुहागिनों के लिए मंगल सूत्र सबसे महत्वपूर्ण आभूषण होता है। इसके काले मोती बुरी नजर से बचाने का काम करता है। हिंदू धर्म में मंगल सूत्र का खास महत्व होता है।

नथ

सुहागिन महिलाएं के लिए नथ नाक का श्रृगांर होता है। ज्योतिषों के अनुसार, इस गहने को पहनने से बुध दोष करने वाला कारक माना जाता है। वहीं बालिया कान की शोभा बढ़ता है। दोनों कानों में बाली पहने से राहु-केतु का दोष दूर होता है।

मांग टीका

सुहागिन महिलाओं के लिए मांग टीका एक महत्वपूर्ण गहना है। इसे मंगल और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password