Harda Karni Sena Controversy: करणी सेना मुखिया का ऐलान- इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी लेकिन अभी हरदा न आएं

हरदा में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के विरोध में पूरे इलाके का तनाव फैल गया है। हरदा से लेकर भोपाल तक इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।

Harda Karni Sena Controversy: करणी सेना मुखिया का ऐलान- इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी लेकिन अभी हरदा न आएं

Harda Karni Sena Controversy: हरदा में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के विरोध में पूरे इलाके का तनाव फैल गया है। हरदा से लेकर भोपाल तक इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्थिति की गंभीरता को हुए जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। साथ ही सीमाएं सील की गईं। करणी सेना पर लाठीचार्ज के बाद प्रदेश का सियासी पारा भी हाई हो चुका है। कांग्रेस अब बीजेपी सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस राज्यसभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बेटे जयवर्धन सिंह के साथ समर्थन देने हरदा के लिए रवाना हो गए हैं। साथ ही पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी हरदा आ रहे हैं। सभी कांग्रेस ने लाठीचार्ज में घायल छात्रों और अन्य लोगों के मुलाकात करेंगे।

पुलिस हिरासत से बाहर आए जीवन सिंह

करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह ने पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद अपने कार्यकर्ताओं से हरदा नहीं आने की अपील की है। उन्होंने वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कहा कि – “हम चार साथियों को रिहा कर दिया गया है, जबकि 54 कार्यकर्ता अभी भी हिरासत में हैं। उम्मीद है कि उन्हें भी आज दिन में रिहा कर दिया जाएगा।”

साथियों से अपील, अभी हरदा न आएं

जीवन सिंह ने प्रदेशभर के करणी सेना कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि- “कोई भी साथी इस समय हरदा न पहुंचे। हम आंदोलन को जारी रखेंगे, लेकिन उसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारी लड़ाई न्यायिक और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ी जाएगी। हम ना तो किसी प्रकार की सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएंगे, और ना ही किसी से समझौता करेंगे।” जीवन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि “हम कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे। आंदोलन रुकेगा नहीं, लेकिन अब इसे नई रणनीति और तारीख के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।”

लाठीचार्ज के बाद माहौल तनावपूर्ण

हरदा में रविवार को हुए करनी सेना के कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा था, पुलिस को स्तिथि को काबू में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, प्रदर्शन को लेकर अब तक 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें से आज करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह को रिहा कर दिया गया है। वहीं हालात को नियंत्रित करने के लिए हरदा, बैतूल और खंडवा सहित कई जिलों से पुलिस बल तैनात किया गया है। हरदा में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

राजपूत समाज में आक्रोश

करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में अब प्रदेश में राजपूत समाज में आक्रोश देखा जा रहा है। लोग हरदा के लिए रवाना हो रहे हैं, जिससे माहौल और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है। शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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हरदा एसपी ने जारी किया वीडियो

मामले में हरदा एसपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि "इसे किसी संगठन या समाज से जोड़ना उचित नहीं होगा"। उन्होंने घटना की विस्तृत जानकारी साझा की है। साथ ही गृह विभाग, भोपाल को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी गई है।

हरदा जाएंगे दिग्विजय सिंह, करेंगे समर्थन

कांग्रेस ने करणी सेना के कार्यताओं पर हुई लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, मामले में कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने हरदा की घटना पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

अब मामले में कांग्रेस सुप्रीम नेता और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और बेटे जयवर्धन सिंह आज हरदा जाकर प्रदर्शनकारियों से समर्थन कर सकते हैं। दिग्विजय सिंह ने मामले में x पर पोस्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करनी सेना पर एमपी पुलिस की ज्यादाती हुई है। वे आज हरदा जाएंगे।

दिग्विजय सिंह ने उठाए गंभीर सवाल

हरदा में करणी सेना कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट और लाठीचार्ज के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा:

"शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे पेचीदा मसलों का समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही होना चाहिए। सवाल यह है कि क्या इस प्रक्रिया का पालन हुआ?"

दिग्विजय सिंह ने कहा कि छात्रावास में घुसकर छात्रों पर लाठीचार्ज करना क्या सही है?... उन्होंने कहा कि चार-पांच लोग पुलिस से घिरे हुए हैं, निर्मम तरीके से पिटाई की गई है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं करणी सेना से नहीं जुड़े हैं, लेकिन, "कोई भी संगठन हो, यदि वह अपने समुदाय के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करता है, तो उसे दबाने की कोशिश निंदनीय है।"

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि "जैसे अशोकनगर हम पहुंचे थे, वैसे ही अब हरदा भी जाएंगे। जनता के हक की लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे।"

करणी सेना ने क्यों प्रदर्शन ?

करणी सेना परिवार के पदाधिकारी आशीष राजपूत के साथ हीरा खरीदने के नाम पर 18 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई थी। मामले में आरोपी विकास लोधी, मोहित वर्मा और उमेश तपानिया के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। आरोपी मोहित वर्मा की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे कोर्ट ले जा रही थी, तब कार्यकर्ता विरोध करने लगे और उसे अपने हवाले करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते टकराव में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हंगामे के दौरान पुलिस ने करणी सेना के जिलाध्यक्ष सुनील राजपूत समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी के विरोध में रविवार को फिर से प्रदर्शन किया गया। करणी सेना ने पुलिस पर पैसे लेकर आरोपी को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।

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