MP News: इमरान हाशमी और यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ पर विवाद, शाहबानो की बेटी की याचिका पर एमपी HC ने रखा फैसला सुरक्षित

Haq Movie Controversy: इमरान हाशमी-यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ पर विवाद, शाहबानो केस से जुड़ी याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।

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हाइलाइट्स

  • फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर हाईकोर्ट में सुनवाई

  • याचिका शाहबानो की बेटी सिद्दिका बेगम खान ने दायर की

  • 7 नवंबर की रिलीज पर बना सस्पेंस

Haq Movie Controversy: इमरान हाशमी और यामी गौतम अभिनीत फिल्म ‘हक’ (Haq) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने बुधवार को इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह फिल्म 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है और कहा जा रहा है कि यह 1985 के ऐतिहासिक शाहबानो केस से प्रेरित है।

[caption id="" align="alignnone" width="1060"]publive-image मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खण्डपीठ।[/caption]

शाहबानो की बेटी ने लगाई रोक की मांग

याचिका शाहबानो की बेटी सिद्दिका बेगम खान ने दायर की है। उनका कहना है कि फिल्म में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और यह परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म लेखक ने शाहबानो की जिंदगी पर आधारित एक किताब को आधार बनाया, लेकिन परिवार की सहमति के बिना इसमें काल्पनिक बदलाव कर दिए। उनका कहना है कि फिल्म के ट्रेलर और टीजर में शाहबानो की छवि को विकृत रूप में दिखाया गया है।

[caption id="" align="alignnone" width="1421"]publive-image हक फिल्म में इमरान हाशमी और यामी गौतम मुख्य भूमिका में हैं।[/caption]

फिल्म पर लगे गंभीर आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि फिल्म में शरिया कानून (Sharia Law) को नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है। इसके अलावा फिल्म में तीन-चार ऐसे डायलॉग्स हैं, जो कभी वास्तविक घटनाओं में नहीं हुए थे। इन संवादों से तीन तलाक और मुस्लिम महिलाओं के अधिकार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गलत संदेश जा सकता है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाई जाए और निर्माताओं को कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजा जाए।

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निर्माताओं की ओर से दी गई दलीलें

फिल्म के निर्माताओं की ओर से वकील अजय बगड़िया ने अदालत में पांच प्रमुख बिंदुओं पर अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि ‘हक’ पूरी तरह से काल्पनिक (Fictional) कहानी है और इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं है। बगड़िया के अनुसार यह फिल्म महिलाओं के अधिकारों और तीन तलाक के खिलाफ उनकी आवाज को सामने लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि शाहबानो केस को इसमें एक प्रेरक घटना के रूप में दिखाया गया है, न कि विवादित रूप में।

[caption id="" align="alignnone" width="2000"]publive-image हक फिल्म का पोस्टर।[/caption]

वकील ने यह भी बताया कि सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को बिना किसी कट के ‘यू/ए’ सर्टिफिकेट दिया है, जो दर्शाता है कि इसमें कोई आपत्तिजनक या अनुचित सामग्री नहीं है। फिल्म एक कोर्टरूम ड्रामा है जो महिलाओं के सशक्तिकरण (Empowerment) और समानता का संदेश देती है।

क्या है फिल्म की कहानी

‘हक’ फिल्म जंगली पिक्चर्स (Junglee Pictures) के बैनर तले बनी है और इसमें इमरान हाशमी और यामी गौतम मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का कथानक 1985 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक शाहबानो केस से प्रेरित बताया जा रहा है। उस केस में अदालत ने मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ता का अधिकार दिया था, जिसने सामाजिक और कानूनी स्तर पर बड़ा प्रभाव डाला था। यह फिल्म महिलाओं की कानूनी लड़ाई, तीन तलाक की बहस और उनके हक की मांग को केंद्र में रखती है।

[caption id="" align="alignnone" width="1168"]publive-image Junglee Pictures[/caption]

क्या है शाहबानो केस

शाहबानो केस 1985 का एक ऐतिहासिक मामला था, जिसने भारत में मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर गहरी बहस छेड़ दी थी। मध्य प्रदेश के इंदौर की शाहबानो बेगम ने अपने पति मोहम्मद अहमद खान से तलाक के बाद गुजारा भत्ता की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मुस्लिम महिला को भी भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म की हो। यह फैसला महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक अधिकारों के पक्ष में एक मील का पत्थर साबित हुआ, लेकिन इसके खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ धार्मिक संगठनों ने विरोध किया। संसद ने 1986 में मुस्लिम महिला (भरण-पोषण अधिकार) अधिनियम पारित किया।

[caption id="" align="alignnone" width="1299"]Shah Bano vs Triple Talaq: A tale of two Congresses | Explained News - The Indian Express शाहबानो (फाइल फोटो)[/caption]

FAQs

1: फिल्म ‘हक’ पर विवाद क्यों हुआ है?
फिल्म ‘हक’ को लेकर विवाद इसलिए बढ़ा क्योंकि यह 1985 के ऐतिहासिक शाहबानो केस से प्रेरित बताई जा रही है। शाहबानो की बेटी सिद्दिका बेगम खान का आरोप है कि फिल्म में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है और परिवार की सहमति के बिना कहानी को काल्पनिक रूप में बदल दिया गया है।

2: याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिकाकर्ता सिद्दिका बेगम खान ने अदालत से मांग की है कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए क्योंकि इसमें शाहबानो की छवि को विकृत तरीके से दिखाया गया है। उनका कहना है कि फिल्म के ट्रेलर और डायलॉग्स मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को आहत कर सकते हैं और तीन तलाक जैसे मुद्दों को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

3: निर्माताओं की ओर से क्या दलीलें दी गईं?
फिल्म के निर्माताओं की ओर से वकील अजय बगड़िया ने अदालत में कहा कि ‘हक’ एक काल्पनिक (fictional) कहानी है, जो महिलाओं के अधिकारों और तीन तलाक के खिलाफ उनकी लड़ाई को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को ‘यू/ए’ सर्टिफिकेट दिया है और इसमें कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। फिल्म का उद्देश्य सशक्तिकरण (empowerment) और न्याय की भावना को दर्शाना है।

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