नौकरी न मिलने से निराश होकर साफ्टवेयर इंजीनियर ने दी जान: बेटे के साथ मां ने भी खाया जहर, कमरे से मिला सुसाइड नोट

Gwalior Software Engineer Suicide: नौकरी न मिलने से निराश होकर साफ्टवेयर इंजीनियर ने दी जान: बेटे के साथ मां ने भी खाया जहर, कमरे से मिला सुसाइड नोट

नौकरी न मिलने से निराश होकर साफ्टवेयर इंजीनियर ने दी जान: बेटे के साथ मां ने भी खाया जहर, कमरे से मिला सुसाइड नोट

Gwalior Software Engineer Suicide: देश में बेरोजगारी का आलम क्या है इस खबर से ये अंदाजा लगाया जा सकता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने नौकरी न मिलने से परेशान होकर मौत को गले लगा लिया। इतना ही नहीं बेटे के साथ मां ने भी जहर खा लिया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर के भाई ने बताया कि वह नौकरी न मिलने से परेशान रहता है। घटना ग्वालियर के गौसपुर की है जहां सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनीष राजपूत ने अपनी मां राधा राजपूत के साथ सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। पहले मनीष की मौत हुई, फिर उसकी मां की भी जान चली गई।

सुसाइड नोट आया सामने

शुरुआत में यह माना गया कि मां की मौत बेटे की मौत के सदमे में हुई, लेकिन बाद में सुसाइड नोट सामने आया। नोट में लिखा था कि दोनों ने स्वेच्छा से आत्महत्या का फैसला लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्वालियर थाना प्रभारी मिर्जा आसिफ बेग ने जानकारी दी कि गौसपुरा में शनिवार रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनीष राजपूत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने पुलिस को बताया कि उसने सल्फास खाया है।

इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई

मनीष की मौत के कुछ समय बाद उसकी मां राधा राजपूत की तबीयत भी बिगड़ गई, जिससे उनकी भी मृत्यु हो गई। पहले यह चर्चा थी कि बेटे की मौत के सदमे से उन्हें हार्ट अटैक हुआ, लेकिन बाद में एक सुसाइड नोट सामने आया। इस नोट में मनीष ने लिखा था कि वह और उसकी मां स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं।

नौकरी न मिलने से तनाव में था मनीष

बताया जा रहा है कि मनीष ने साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं पाई थी। वह लगातार नौकरी की तलाश कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके अलावा, नौकरी न मिलने के कारण उसकी शादी भी नहीं हो पा रही थी, जिससे वह बहुत निराश और अवसाद में था।

यह भी पढ़ें: वन नेशन वन इलेक्शन एमपी BJP की प्रदेश स्तरीय टीम गठित: इंदौर महापौर बने सह संयोजक, रिटायर्ड जस्टिस आर्य बने संयोजक

मनीष की अवसाद की स्थिति ने उसकी मां राधा को भी परेशान थीं।  इसके बाद दोनों ने मिलकर आत्महत्या का कदम उठाया। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिवार के सदस्यों को सौंप दिए हैं। टीआई मिर्जा आसिफ बेग ने भी इसे फ्रस्ट्रेशन का परिणाम बताया है।

यह भी पढ़ें: इंदौर में बीच सड़क टैंकर से गैस लीक से हड़कंप: लोगों की आंखों में जलन, ट्रैफिक करना पड़ा डायवर्ट

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article