ग्वालियर में घूस लेते पकड़ाया राजस्व निरीक्षक: जमीन की नापतौल कर कब्जा दिलाने मांगे थे 50 हजार, 30 हजार रुपए लेते ट्रैप

Gwalior News: ग्वालियर में लोकायुक्त पुलिस ने राजस्व निरीक्षक को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। जमीन की नापतौल और कब्जा हटाने के एवज में मांगी थी रिश्वत।

Gwalior News

हाइलाइट्स

  • ग्वालियर में राजस्व निरीक्षक रिश्वत लेते दबोचा गया
  • जमीन की नापतौल कर कब्जा दिलाने मांगे थे 50 हजार
  • लोकायुक्त पुलिस ने 30 हजार रु. लेते राजस्व निरीक्षक को दबोचा

Gwalior News: ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने एक राजस्व निरीक्षक को उसके घर पर 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई मंगलवार शाम को हुई। राजस्व निरीक्षक ने घाटीगांव में 44 बीघा जमीन की नापतौल कर कब्जा हटाने के लिए 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। काफी बातचीत के बाद 35 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। फरियादी पहले ही 5 हजार रुपए दे चुका था और राजस्व निरीक्षक ने उसे 30 हजार रुपए के लिए मंगलवार को अपने घर बुलाया था।

फरियादी ने पहले ही लोकायुक्त पुलिस को शिकायत कर दी थी और योजना के अनुसार मंगलवार शाम जैसे ही राजस्व निरीक्षक ने रिश्वत के पैसे अपने हाथ में लिए और जेब में डाले, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक ने भागने की कोशिश की, लेकिन वो सफल नहीं हो सका। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला ?

लोकायुक्त पुलिस निरीक्षक कविन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि फरीदाबाद के प्रवीण सिंह, जो सुखबीर सिंह के बेटे हैं, ने शिकायत की थी कि उन्होंने ग्राम ददोरी सर्कल मोहना तहसील घाटीगांव में 42 बीघा जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर बादामी देवी कुशवाह और शिव प्रताप कुशवाह ने कब्जा कर रखा है। कब्जा हटाने के लिए तहसीलदार घाटीगांव द्वारा चार बार आदेश जारी किए गए, लेकिन फिर भी जमीन की नापतौल के बाद भी कब्जा नहीं हट सका। तहसीलदार ने कब्जा हटाने और जमीन की नापतौल के लिए एक टीम बनाई थी, जिसका प्रभारी दिलीप नागर, राजस्व निरीक्षक व्रत मोहना को नियुक्त किया गया था।

[caption id="attachment_801268" align="alignnone" width="1027"]publive-image रिश्वतखोरी की शिकायत करने वाले प्रवीन सिंह, जिन्होंने लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर में शिकायत की थी।[/caption]

50 हजार रुपए मांगे, 35 हजार में पक्की हुई डील

तहसीलदार घाटीगांव के आदेश के बाद उक्त भूमि की नाप कराने और कब्जा दिलाने के लिए राजस्व निरीक्षक दिलीप नागर द्वारा 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। फरियादी प्रवीण सिंह ने 50 हजार रुपए ज्यादा होने पर राजस्व निरीक्षक से बातचीत की, तो 35 हजार रुपए में डील पक्की हो गई। जिसमें से पांच हजार रुपए उसने मौके पर ही दे दिए। शेष 30 हजार रुपए बाद में देने की बात तय हुई थी।

राजस्व निरीक्षक घर पर रिश्वत लेते पकड़ाया

मंगलवार को प्रवीण सिंह द्वारा 30 हजार रुपए देना तय हुआ था। जिसकी शिकायत पीड़ित ने ग्वालियर एसपी लोकायुक्त राजेश मिश्रा से की। जिस पर एसपी ने शिकायत की पुष्टि के बाद निरीक्षक कविन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम बनाई। योजना के अनुसार राजस्व निरीक्षक दिलीप नागर से बात कराई गई, जिसमें शेष रुपए देने के लिए राजस्व निरीक्षक ने प्रवीण को अपने घर बुलाया।

हाथ धुलवाए तो गुलाबी हो गए

लोकायुक्त पुलिस ने उसके हाथ धुलवाए तो गुलाबी हो गए। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

ये भी पढ़ें: MP Police Constable Transfer: मध्यप्रदेश पुलिस के 22 कॉन्स्टेबल के तबादले, PHQ ने निकाले आदेश

लोकायुक्त पुलिस ने क्या बताया ?

लोकायुक्त पुलिस निरीक्षक कविन्द्र सिंह ने बताया कि एक राजस्व निरीक्षक को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। राजस्व निरीक्षक ने जमीन की नापतौल के बदले रिश्वत की मांग की थी।

Rewa Rishwat: रिश्वत मांग रहे त्योंथर तहसील के अधिकारी, नोट और गहनों से भरा सूटकेस लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा एक्स आर्मी मैन

Rewa Rishwat ex army man collectorate Jansunwai Tyonthar tehsil complaint

Rewa Rishwat ex army man: रीवा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान एक एक्स आर्मी मैन नोट और गहनों से भरा सूटकेस लेकर पहुंच गया। एक्स आर्मी मैन का कहना था कि वो ये गहने और पैसे अधिकारियों को रिश्वत देने के लिए लाया है। उसने त्योंथर तहसील के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसकी पुश्तैनी जमीन को सरकारी घोषित कर दिया है, जबकि सारे कागजात उसके पास हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article