Gwalior Murder Case: 12 साल का बेटा बोला जज साहब मेरी मां को पिता-दादी ने मारा- न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Madhya Pradesh Gwalior Murder Case Judgement Update: ग्वालियर जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या के प्रकरण में 4 साल 6 महीने में दिया फैसला

Gwalior Murder Case Judgement

ग्वालियर जिला एवं सत्र न्यायालय का फैसला।

Gwalior Murder Case Judgement: ग्वालियर (Gwalior) के गोला मंदिर थाना क्षेत्र की एक महिला के हत्या के मामले ( Murder Case) में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी पति और सास को आजीवन कारावास ( Life imprisonment) की सजा सुनाई है। न्यायालय ने ये फैसला मृतक महिला के 12 साल के बेटे की गवाही पर सुनाया है। जिसके बाद गवाह की मां के हत्यारे पिता और दादी आजीवन कारावास के लिए भेज दिया है।

पति ने शिकायत दी थी कि पत्नी छत से गिरी

अपर लोक अभियोजक जगदीश शाक्यवार के मुताबिक, 11 जुलाई 2020 को राकेश सिकरवार शिकायत कि उसकी पत्नी अनुराधा (Anuradha) छत से गिर गई है। उसे इलाज के लिए मुरार के अस्पताल (Hospital) ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दौरान अनुराधा के भाई और पिता के भी बयान दर्ज किए गए।

पीएम रिपोर्ट में मिले मारपीट के निशान

अनुराधा के भाई और पिता ने पुलिस को बताया कि राकेश (Rakesh) और उसकी मां मालती अनुराधा के साथ आए दिन मारपीट करते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Pm Report) में उसके शरीर पर मारपीट के सबूत भी मिले थे। पुलिस ने अनुराधा के 7 साल के बेटे सूर्यांश (Suryansh) से भी पूछताछ की। सूर्यांश की उम्र अब 12 साल की हो चुकी है।

12 साल का होने पर कोर्ट में पेश किया

12 साल के सूर्यांश ने पुलिस को दिए अपने बयान में अपनी मां अनुराधा की हत्या के लिए अपने पिता राकेश और दादी मालती को दोषी बताया। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चालान (Chalan) पेश किया। सुनवाई के दौरान सूर्यांश को कोर्ट में पेश किया गया। जहां सूर्यांश ने जज साहब (Judge Sir) को पिता और दादी की करतूत बताई।

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छत पर मेरी मां को बाल खींचकर ले गए थे

सूर्यांश ने कहा कि जज साहब मेरी मां अनुराधा को दादी मालती और पापा राकेश बालों से पकड़ कर खींच रहे थे, मार भी रहे थे। खींचते हुए छत पर ले गए। वहां मारपीट (Assault) पर मां बचाओ बचाओ चिल्ला रही थी, जिसके बाद पापा और दादी ने मां अनुराधा को छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया।

कारावास में मुख्य रही सूर्यांश की गवाही

ग्वालियर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 12 साल के सूर्यांश की गवाही और पुलिस के द्वारा पेश किए चालान के आधार पर आरोपी राकेश और मालती को दोषी पाया। न्यायालय ने दो मां-बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में मां-बेटे पहले से जेल में है। फैसले के बाद उन्हें कारावास (imprisonment) में भेज दिया।

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