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हाइलाइट्स
लॉ स्टूडेंट की मौत पर सस्पेंस
दोस्त पर अटकी शक की सुई
आरोपी के बयान में अंतर
Gwalior News: ग्वालियर में किले से नीचे गिरने वाली लॉ स्टूडेंट मामले अपडेट सामने आया है, परिजनों के मुताबिक, छात्रा एक मंजिल से नीचे भी देखती थी तो डर जाती थी। छात्रा को एक्रोफोबिया (ऊंचाई से डर लगना) भी था। परिजन इस बात को मानने को तैयार ही नहीं कि छात्रा किले से 300 फीट नीचे कूद सकती है। उनका कहना है कि उसके दोस्त ने ही उसे किले से धकेला है।
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बता दें कि मामले में पुलिस छात्रा के दोस्त और दो अन्य से पूछताछ कर रही है। आकृति भदौरिया (21) का शव सोमवार शाम किले की तलहटी में मिला था। इसके बाद मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शाम परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगाया था।
परिजनों की मांग है कि छात्रा के दोस्त और उसके साथियों पर हत्या का केस दर्ज किया जाए। पड़ाव थाने की पुलिस हत्या और आत्महत्या के एंगल से जांच कर रही है।
आरोपी के बयान में अंतर
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छात्रा के दोस्त और दो अन्य लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।[/caption]
पुलिस ने जब मामले में आरोपी से पूछताछ की तो उसने बताया कि वो आकृति से एक साल से संपर्क में नहीं था। फिर वह (Gwalior News) किले कैसे पहुंचा? इसका जवाब उसके पास नहीं है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली जा रही है। इससे पता चलेगा आरोपी के बयान में कितनी सच्चाई है।
असाइनमेंट जमा करना था, लेकिन नहीं किया
बता दें कि आकृति के पिता संजय भदौरिया गृह मंत्रालय में सुरक्षा अधिकारी हैं। वे इस समय दिल्ली में पदस्थ हैं। आकृति अपनी मां और भाई के साथ ग्वालियर शहर के डीडी नगर (महाराजपुरा) में रहती थी। एमिटी यूनिवर्सिटी में BBA LLB थर्ड ईयर की छात्रा थी।
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मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया था।[/caption]
ये भी पढ़ें: ग्वालियर किले से गिरकर लॉ स्टूडेंट की मौत: दोस्त पर अटकी शक की सुई, जानें क्या है सस्पेंस
परिजनों के मुताबिक, आकृति सोमवार सुबह 10 बजे घर से यह कहते हुए निकली थी कि आज उसे कॉलेज में असाइनमेंट जमा करना है। लेकिन, किले (Gwalior News) पर उसकी स्कूटी और बैग लावारिस मिला तो असाइनमेंट उसमें ही था। उसने असाइनमेंट जमा ही नहीं किया।
हालांकि आकृति रोज शाम 4 बजे तक कॉलेज से घर आ जाती थी, लेकिन सोमवार को नहीं आई। मां ने कॉल लगाया तो मोबाइल बंद बता रहा था।
शाम 5 बजे तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच अननॉन नंबर से उन्हें फोन आया और बताया गया कि आकृति किले से गिर गई है।
मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यदि वह कॉलेज नहीं गई तो सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच कहां थी। इसके साथ ही वो ग्वालियर के किले तक कैसे पहुंची।
3.56 बजे वॉट्सएप पर मिला लास्ट सीन
हालांकि छात्रा का मोबाइल तोड़ दिया गया है, लेकिन मां और भाई ने जब अपने मोबाइल से आकृति के वॉट्सएप का लास्ट सीन किया तो सोमवार शाम 3.56 बजे का दिखा रहा है। इसका मतलब साफ है कि 3 बजकर 56 मिनट तक वह जिंदा थी और वॉटसएप चला रही थी। इससे पुलिस को आशंका है कि छात्रा के मोबाइल से भी कोई सुराग मिल सकता है।
3 बजकर 56 मिनट तक जिंदा थी आकृति
हालांकि छात्रा का मोबाइल तोड़ दिया गया है, लेकिन मां और भाई ने जब अपने मोबाइल से आकृति के वॉट्सएप का लास्ट सीन किया तो सोमवार शाम 3.56 बजे का दिखा रहा है। इसका मतलब साफ है कि 3 बजकर 56 मिनट तक वह जिंदा थी और वॉटसएप चला रही थी। इससे पुलिस को आशंका है कि छात्रा के मोबाइल से भी कोई सुराग मिल सकता है।
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