Gwalior Ambedkar statue controversy: 15 अक्टूबर को प्रदर्शन के ऐलान के बाद धारा 163 लागू, वकीलों के एक गुट की चेतावनी

Gwalior Ambedkar statue controversy: ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा को लेकर तनाव बढ़ा। बार एसोसिएशन और परशुराम सेना का 15 अक्टूबर को प्रदर्शन, प्रशासन ने धारा 163 लगाई।

Gwalior Ambedkar Statue Controversy

Gwalior Ambedkar Statue Controversy

हाइलाइट्स

  • हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा विवाद
  • प्रशासन ने धारा 163 लागू की
  • संगठनों के प्रदर्शन को लेकर सतर्कता
Gwalior Ambedkar Statue Controversy: ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच परिसर में डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर एक बार फिर शहर में तनाव है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन एवं परशुराम सेना के 15 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया है। वहीं वकीलों का एक धड़ा हाईकोर्ट में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना की मांग कर रहा है। इस विवाद को लेकर जिला प्रशासन ने धारा में 163 लागू कर दी है। अब बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन, जुलूस, चल समारोह नहीं निकाले जा सकेंगे। वहीं प्रतिद्वदी संगठनों के संभावित प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

प्रशासन ने की तैयारियां

संगठनों के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस लाइन में मॉकड्रिल कर पुलिसकर्मियों को उपद्रवियों से निपटने की प्रेक्टिस कराई गई। वहीं कलेक्टर-एसपी ने शहर के व्यापारियों, प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक कर सभी से शांति की अपील की है।

यहां बता दें, हाईकोर्ट परिसर में प्रतिमा लगाने को लेकर पिछले एक साल से विवाद चल रहा है। आजाद समाज, भीम आर्मी, ओबीसी महासभा सहित वकीलों का एक धड़ा प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि वकीलों का दूसरा धड़ा इसके खिलाफ है। इसे लेकर वाद-विवाद का दौर चल रहा है।

इस पोस्ट से फिर गर्माया विवाद

पिछले दिनों बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर डॉ. अंबेडकर को लेकर X पर वीडियो पोस्ट किया था। जिसमें डॉ. अंबेडकर को अंग्रेजों का गुलाम-एजेंट, झूठा कहने के साथ ही आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था। इसे लेकर ग्वालियर और मुंबई के ठाणे में एफआईआर दर्ज हुई है। वकीलों का एक गुट इस कार्रवाई से नाराज है और प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की है और कहा, 15 अक्टूबर को ग्वालियर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसका समर्थन परशुराम सेना ने किया था। इसे संभावित प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन तैयारी में जुटा है।

प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील

मामले को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक बुलाई। जिसमें दोनों पक्षों से जुड़े वकील, व्यापारी, शहर के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। कलेक्टर और एसपी ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि इस बैठक में प्रदर्शन की चेतावनी देने वाले बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक और पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा एवं उनके साथी शामिल नहीं हुए।

बैठक में वरिष्ठ वकील अरविंद दूदावत ने कहा ग्वालियर शहर उपद्रव नहीं चाहता है। वकील धर्मेंद्र नायक बोले, उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि त्योहार का समय है, बाजारों में भीड़ है। इसलिए उपद्रव नहीं होना चाहिए। 15 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर सख्ती की जानी चाहिए। भूपेंद्र जैन ने भी सख्ती से निपटने की सलाह दी।

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Gwalior Bangladeshi Arrested:ग्वालियर में वायुसेना स्टेशन के पास से 8 बांग्लादेशी गिरफ्तार, 12 साल से रह रहे थे घुसपैठी

Gwalior Bangladeshis Arrested

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